Licious बनी फर्स्ट इंडियन मीट सेलिंग यूनिकॉर्न कम्पनी

नई दिल्ली : स्टार्टअप्स के यूनिकॉर्न क्लब में शामिल होने की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। इस कड़ी में ब्लूमबर्ग की खबर के मुताबिक मीट डिलीवरी करने वाली Licious ने एक अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर इनवेस्टर्स से 5.2 करोड़ डॉलर हासिल किए हैं। इसके साथ ही यह यूनिकॉर्न कम्पनी भी बन गई है।

Licious के हैं बीस लाख कस्टमर्स

कम्पनी के फाउंडर्स विवेक गुप्ता और अभय हंजुरा ने बताया, ” डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर सेगमेंट के लिए फंडिंग में काफी बढ़ोतरी हुई है लेकिन FMCG को अभी भी एक आकर्षक कैटेगरी नहीं माना जाता। हमें उम्मीद है कि कम्पनी के यूनिकॉर्न बनने से इसमें बदलाव होगा।”बेंगलुरु के इस स्टार्टअप ने इस वर्ष की शुरुआत में अपने 1,000 से अधिक कर्मचारियों को ESOP एलोकेट किए थे। इसके बाद अगस्त में 30 करोड़ रुपये का बायबैक किया गया था। कम्पनी का बिजनेस 14 शहरों में है। कंपनी ने पिछले वर्ष पांच गुणा से अधिक की ग्रोथ की है। इसके बीस लाख से अधिक कस्टमर्स हैं।

इसे IIFL AMC के टेक फंड की अगुवाई में हुए फंडिंग राउंड में ब्रुनेई इनवेस्टमेंट एजेंसी और वर्टेक्स ग्रोथ फंड जैसे इनवेस्टर्स से फंड मिला है। इसने जुलाई में टेमासेक और मल्टीपल्स की अगुवाई में सीरीज F के फंडिंग राउंड में 19.2 करोड़ रुपये हासिल किए थे।

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