Live Update: नई शिक्षा नीति पर बोले पीएम मोदी- अब तो काम की असली शुरुआत हुई है

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शुक्रवार यानि 11 सितम्बर को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अंदर ’21 वीं सदी में स्कूली शिक्षा’ सम्मेलन को संबोधित की..कोरोना काल के चलते प्रधानमंत्री मोदी लगातार नई शिक्षा निति की ओर ख़ास ध्यान दे रहे है .

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का बयान

शिक्षा मंत्रालय दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन कर रहा है, जो कि गुरुवार से शिक्षा पर्व के एक रूप में शुरू हुआ है.

नई शिक्षा निति में  इन चीजों पे दिया जायेगा ध्यान 

अब तो काम की असली शुरुआत हुई है,अब हमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति को उतने ही प्रभावी तरीके से लागू करना है और ये काम हम सब मिलकर करेंगे.

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति भी नए भारत की, नई उम्मीदों की, नई आवश्यकताओं की पूर्ति का माध्यम है. इसके पीछे पिछले चार-पांच वर्षों की कड़ी मेहनत है, हर क्षेत्र, हर विधा, हर भाषा के लोगों ने इस पर दिन रात काम किया है. लेकिन ये काम अभी पूरा नहीं हुआ है.

पिछले तीन दशकों में दुनिया का हर क्षेत्र बदल गया। हर व्यवस्था बदल गई.इन तीन दशकों में हमारे जीवन का शायद ही कोई पक्ष हो जो पहले जैसा हो.लेकिन वो मार्ग, जिस पर चलते हुए समाज भविष्य की तरफ बढ़ता है, हमारी शिक्षा व्यवस्था, वो अब भी पुराने ढर्रे पर ही चल रही थी.

बच्चों में मैथेमेटिकल थिंकिंग और साइंटिफिक टेंपरामेंट विकसित हो, ये बहुत आवश्यक है और मैथेमेटिकल थिंकिंग का मतलब केवल यही नहीं है कि बच्चे मैथेमेटिक्स के प्रॉब्लम ही सॉल्व करें, बल्कि ये सोचने का एक तरीका है.

कुछ दिन पहले शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के बारे में देश भर के टीचर्स से माय गोव पर उनके सुझाव मांगे थे. एक सप्ताह के भीतर ही 15 लाख से ज्यादा सुझाव मिले हैं.ये सुझाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति को और ज्यादा प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद करेंगे.

मुझे खुशी है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के इस अभियान में हमारे प्रिंसिपल्स और शिक्षक पूरे उत्साह से हिस्सा ले रहे हैं.

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