लोहिया जी के आग्रह पर उनसे न मिलना मेरी सबसे बड़ी भूल थी : मुलायम

download

लखनऊ | समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने गुरुवार को भारत के ‘लोकबंधु’ कहलाने वाले समाजवादी नेता राज नारायण की 39वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आज राज नारायण जैसा नेता मिलना मुश्किल है। सपा के कार्यालय में राज नारायण की 39वीं पुण्यतिथि धूमधाम से मनाई गई। वहां सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के अलावा समाजवादी पार्टी के पुराने नेता भी शरीक हुए।

इस मौके पर मुलायम ने कहा, “एक बार राम मनोहर लोहिया ने मुझसे कहा था कि आगरा में मुझसे मिलने आना, लेकिन मैं नहीं जा पाया। बाद में मुझे कहा गया कि तुमने वादाखिलाफी की है। इसके बाद अगस्त में लोहिया जी से आखिरी मुलाकात हुई। उनके आग्रह के बावजूद उनसे मिलने न जा पाना मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल थी।”

मुलायम ने इस मौके पर साथ ही नौजवानों को धन्यवाद देते हुए चेताया कि राजनीति में चुगलखोरों से सावधान रहना चाहिए। उन्होंने कहा, “नौजवानों ने बेहद संघर्ष करके सरकार बनाई है। इसके लिए उन्हें धन्यवाद। सभी को हर जगह अन्याय का विरोध करना चाहिए। चाहे घर हो, परिवार या पार्टी।”

मुलायम ने कहा, “राज नारायण को इतिहास में ऐतिहासिक पुरुष के रूप में जाना जाएगा। मेरे पहले चुनाव का उद्घाटन उन्होंने ही किया था। उन्होंने एक दिन में दो सभाएं की थी। मैं उसे कभी नहीं भूल सकता हूं।” सपा के मुखिया ने कहा कि जब राज नारायण अस्पताल में थे, तब उनकी आंखों में आंसू थे। उनके जैसा नेता मिलना बहुत मुश्किल है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button