लोकसभा चुनाव 2019: अमित शाह के इस फॉर्मूले से ध्‍वस्‍त होगा विपक्ष का चक्रव्‍यूह

नई दिल्ली। पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी को शानदार जीत मिली थी, जिसके बाद एकबार फिर पार्टी ने जीत हासिल करने के लिए नई नई योजनाएं बनानी शुरु कर दी है। देखा जाए तो इस बार का चुनाव बीजेपी के लिए बहुत ही चुनौती पूर्ण होने वाला है। विपक्ष के महागठबंधन से बहुत सी पार्टी का ग्राफ गिरता नज़र आ रहा है। जिसकी वजह से आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी एकबार फिर राज्य में सक्रिय होती नज़र आ रही है। साथ ही विपक्ष को तोड़ने के लिए बीजेपी ने एक नया फार्मूला बनाया है। इस नए फार्मूले में बीजेपी के टॉप नेताओं की मदद ली जाएगी, जो उत्तर प्रदेश में लगातार दौरे करेंगे। बताया जा रहा है इस योजना से चुनाव में पार्टी के पक्ष में माहौल तैयार हो सकेगा।

बात करें यूपी की तो भारतीय राजनीति में राज्य हमेशा से ही अहम रहा है। हमेशा से ही चुनावों में तगड़े घमासान के साथ मिलीजुली राजनीति देखने को मिली है। बनाए गए इस फार्मूले से पहले ही पीएम मोदी ने हाल ही में मगहर का दौरा किया था, जिसके बाद से आने वाली 16 जुलाई को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी का दौरा करने वाले हैं।

साथ ही वह एकबार उत्तर प्रदेश का भी दौरे कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश में विपक्षी एकता से दबाव में आयी भाजपा ने इसकी काट के लिए ये नया फॉर्मूला निकाला है। इसके अंतर्गत सभी टॉप नेता अपने अपने तरह से राज्य का दौरा करेंगे और माहौल को अपने पक्ष में करने का निरंतर प्रयास भी करेंगे। पीएम मोदी के संभावित वाराणसी दौरे के अलावा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी आने वाले कुछ हफ्तों में राज्य का दो दिवसीय दौरा कर सकते हैं।

सूत्रों की माने शाह अपने दौरे के बाद जमीनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक भी करेंगे। शाह 4 जुलाई को मिर्जापुर में और 5 जुलाई को आगरा में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर सकते हैं। पार्टी के सूत्रों के अनुसार, भाजपा अध्यक्ष की पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक का उद्देश्य पार्टी कैडर को सक्रिय रखना और उनके आपसी मतभेद दूर करना है, जिससे वह बेहतर तरीके से चुनाव की तैयारियां कर सकें।

इस दौरे में शाह के साथ अनुप्रिया पटेल भी शामिल हो सकती हैं। बता दें कि अनुप्रिया पटेल मिर्जापुर से सांसद हैं और मिर्जापुर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश पटेल वोटरों का गढ़ माना जाता है। इसीलिए मिर्जापुर दौरे पर उनका आना काफी अहम माना जा रहा है। साथ ही कई बड़े-बड़े नेता अलग अलग क्षेत्रों का दौरा कर सकते हैं। सभी बीजेपी नेताओं का कहना है कि उनका मेन फोकस चुनाव ही है। चुनावी माहौल को अपने पक्ष में करने के लिए वह हर कोशिश करने के लिए तैयार है।

Related Articles