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Vrindavan के बांके बिहारी मंदिर से भगवान कृष्ण की मूर्ति गायब, ढूंढने वाले को मिलेगा ये इनाम

मधुरा के वृंदावन(Vrindavan) में बाके बिहार मंदिर से भगवान कृष्ण की एक मूर्ति गायब हो गई है। दिल्ली के रहने वाले एक व्यवसायी ने इस बात का पता लगाने वाले पर इनाम का घोषणा किया है।

नई दिल्ली: मधुरा के वृंदावन(Vrindavan) में बाके बिहार मंदिर से भगवान कृष्ण की एक मूर्ति गायब हो गई है। दिल्ली के रहने वाले एक व्यवसायी ने इस बात का पता लगाया और 11,000 रुपये का इनाम का भी घोषणा का हैं। पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर भाव्या गुप्ता अपनी मां के साथ 23 मार्च को होली मनाने के लिए बरसाना आई हुई थीं। उनके पिता दिल्ली में कोल्ड ड्रिंक का थोक कारोबार चलाते हैं।

बांके बिहारी मंदिर से लड्डू

भाव्या ने कहा, “हम पिछले 27 वर्षों से लड्ड गोपाल (भगवान कृष्ण के बाल रूप) की पूजा कर रहे हैं। 24 मार्च को हम बांके बिहारी मंदिर में ‘लड्डू गोपाल’ को दर्शन कराने के लिए लेकर गए थे। वहां से मूर्ति गायब हो गई।” उन्होंने आगे कहा, “तब से हम इसे ढूंढ़ रहे हैं। जब हम इसका पता लगाने में विफल रहे, तब हमने वृंदावन में इसका पोस्टर चिपकाने और नकद इनाम देने की घोषणा करने का फैसला लिया।” वहीँ, मूर्ती गायब होने से हड़कंप मच गया।

आपको बता दें, वृंदावन में बांकेबिहारी लाल 515 वर्ष के होने जा रहे हैं। ठाकुर बांकेबिहारी का प्राकट्य उत्सव दिसंबर के महीने में मनाया जता है। इसी महीने ठाकुर जी की मुर्ति प्रकट हुई थी। इस वक्त बोंकेबिहारी की प्राकट्य स्थली निधीवन में भव्य सजावट की जाती है। आपको बता दें, इसी बन में ठाकुर जी की मुर्ति प्रकट हुई थी। वृंदावन स्थित श्रीबांकेबिहारी का मंदिर विश्व प्रसिद्ध है। श्रीबांकेबिहारी के प्राकट्य को लेकर कहा जाता है कि हरिदास के शिष्य विट्ठल विपुलदेव और बिहारिन दास ने एक बार उनसे पूछा था कि जिस निकुंज के सामने आप संगीत साधना करते हैं और उसका क्या रहस्य है?

हरिदास ने गाया गाना

उस वक्त हरिदास ने गाने के स्वर में लहराते हुए बहुत ही सर्द्धा भाव के साथ भजन गाना शुरू किया माई री सहज जोरी प्रगट भई जु रंग की गौर श्याम घन दामिनी जैसे…। इसके बाद प्रकाश का पुंज धीरे-धीरे बढ़ता गया और उस प्रकाश पुंज के मध्य में हाथों में हाथ लिए मुस्कुराते हुए स्यामा-कुंजबिहारी प्रकट हुए।

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हरिदास की प्रार्थना पर यह युगल जोड़ी एकाकार हो गई। आज श्रद्धालु जिन बांकेबिहारी के दर्शन करते हैं, वह प्रिया-प्रीतम का ही युगल स्वरूप है।

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