अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए कम ब्याज दरों का होना आवश्यक: पीएनबी

लखनऊ: आरबीआई (RBI) की अगस्त 6 शुक्रवार को घोषित मौद्रिक नीति पर पीएनबी (PNB) के प्रबंध निदेशक (MD) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सीएच एस एस मल्लिकार्जुना ऱाव का बयान आर्थिक विकास को सही गति देने के लिए और कोविड-19 के प्रभाव को कम करने के लिए आरबीआई ने मुद्रास्फीति पर विकास को प्राथमिकता दी है। रेपो रेट में कोई बदलाव न करते हुए समायोजन का कदम उठाना आशातीत लाइन पर है क्योंकि अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए कम ब्याज दरों का होना आवश्यक है।

टीएलआरटीओ जैसी योजनाओं की अंतिम समयसीमा में विस्तार के साथ अतिरिक्त तरलता सुनिश्चित करने के उपाय दिक्कतों में चल रहे क्षेत्रों जैसे रिटेल, एमएसएमई, रियल एस्टेट पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा। विदेशी मुद्रा में निर्यात क्रेडिट सहित डेरिवेटिव कांट्रैक्ट की गाइडलाइन्स में संशोधनो की महती आवश्यकता लिबोर और समक्ष पेश आने वाली चुनैतियों के चलते थीं।

रिजोल्यूशन फ्रेमवर्क 2.0 के तहत वित्तीय मानकों की पूर्ति के मानकों को टालने का फैसला रिवाइल में दिक्कतें महसूस कर रहे कारोबार को परिचालन मानकों तक पहुंचने में मदद करेगा। मुद्रस्फीति से मिलने वाले आपूर्ति सरीखे तात्कालिक झटकों से उबरते हुए जल्दी ही टिकाउ व मजबूत विकास का लक्ष्य पाया जा सकेगा जिसका संकेत एमपीसी से मिलता है।

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