आज से प्राइवेट हुआ लखनऊ एयरपोर्ट, अब 50 सालों तक अडानी ग्रुप संभालेगा कमान

चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट को अडानी ग्रुप ने अगले 50 सालोँ तक संचालित करने के लिए अधिग्रहित किया है. अब एयरपोर्ट के प्रबंधन से लेकर वित्तीय मामलों में अडानी ग्रुप के अधिकारी ही फैसले लेंगे।

लखनऊ: लखनऊ के चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट के नाम के साथ अब अडानी ग्रुप का नाम भी जुड़ गया है. ये नाम अब अगले 50 सालों तक अमौसी एयरपोर्ट के साथ जुड़ा रहेगा. बता दें कि चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट को अडानी ग्रुप ने अगले 50 सालोँ तक संचालित करने के लिए अधिग्रहित किया है. अब एयरपोर्ट के प्रबंधन से लेकर वित्तीय मामलों में अडानी ग्रुप के अधिकारी ही फैसले लेंगे।

गौरतलब है कि लखनऊ स्थित अमौसी एयरपोर्ट के लिए अडानी ग्रुप के साथ हुए करार में शुरुआती तीन साल तक अडानी समूह के अधिकारी एयरपोर्ट प्रशासन के साथ काम करेंगे. एयरपोर्ट की सुरक्षा की कमान पहले की तरह ही केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों के हाथ रहेगी.

बता दें कि अडानू समूह के अधिकारी ही फायर फाइटिंग सिस्टम और इंजीनियरिंग सेवाएं संभालेंगे। सूत्रों ने बताया कि एयरपोर्ट पर किसी भी सर्विस की फीस को अभी नहीं बढ़ाया जाना है। अमौसी एयरपोर्ट पर सुविधाओं के बढ़ाये जाने की योजना है। जानकारी के मुताबिक लखनऊ एयरपोर्ट पर दिल्ली की तर्ज पर मुफ्त पिक और ड्रॉप सर्विस भी शुरू की जा सकती है।

एयरपोर्ट पर दो और टैक्सी-वे का हो रहा है निर्माण

चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पर दो नए टैक्सी-वे के निर्माण कार्य का काम शुरू किया गया है. इन टैक्सी-वे के बन जाने से रनवे से एप्रन तक जाने में और आसानी हो जाएगी. मौजूदा समय लखनऊ से 68 डोमेस्टिक और 10 इंटरनेशनल वंदे भारत मिशन की उड़ाने जारी हैं. टैक्सी वे, एप्रन की संख्या बढ़ने के बाद एक के बाद एक आने और उड़ान भरने वाले कई विमानों का परिचालन आसान हो जाएगा. यानी लखनऊ से उड़ान भरने और उतरने वाले विमानों की संख्या 150 तक पहुंचाई जा सकती है. 26 अक्तूबर से नए निर्माण के कार्य शुरू हो चुके हैं। इसमें दो टैक्सी वे के अलावा आठ नए एप्रन यानी जहां विमान खड़े होते हैं, उनका निर्माण शामिल है.

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