लखनऊ: लोकबंधु अस्पताल के बाहर घंटों एंबुलेंस में पड़ा रहा मरीज़, अस्पताल प्रशासन बेसुध

लखनऊ: स्वस्थ्य सेवाओं के बेहतर होने की सरकार और शासन लाख दावे कर लें पर व्यस्वस्था की कमर स्वस्थ महकमे के अधिकारी और अस्पताल प्रशासन ही तोड़ रहे हैं। मामला आज मंगलवार का है जहाँ आर्थिक समस्या से जूझ रहे परिजनों ने मरीज को निजी अस्पताल से सरकारी अस्पताल स्थानांतरित करने की गुहार लगाई, जिसके बाद निजी अस्पताल ने मरीज़ को राजधानी के लोकबन्धु अस्पताल के लिए स्थानांतरित कर दिया। पर घंटों एम्बुलेंस में पड़े मरीज़ को लोकबन्धु अस्पताल प्रशासन ने इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करना उचित नहीं समझा।

मंगलवार को राजधानी के सहारा अस्पताल से लोकबन्धु अस्पताल पहुंचे मरीज़ को घंटों एम्बुलेंस में अस्पताल प्रशासन ने पड़ा छोड दिया। एक्सीडेंट के बाद मरीज़ सहारा में एडमिट हुआ था। आर्थिक परेशानी के कारण अस्पताल से स्थानान्तरण की गुहार मरीज़ के परिजनों ने लगायी थी। यही नहीं लोकबन्धु मरीज़ को लेकर पहुंचे परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने मरीज को बिना देखे केजीएमयू या पीजीआई रेफर करने के लिए सलाह देदी।

परिजनों ने इसके मार्फ़त सीएमओं दफ्तर में भी बातचीत की पर उसके बावजूद मरीज़ को लोकबन्धु में इलाज नहीं मिला।

सहारा अस्पताल पर भी लगाये आरोप –

मरीज़ के परिजनों ने कहा भर्ती करते समय सहारा हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने मरीज की कोविड-19 की रिपोर्ट नेगेटिव बताया था परन्तु डिस्चार्ज करते हुए मरीज़ की कोरोना रिपोर्ट पजितिवे बता दी।

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