लखनऊ विश्वविद्यालय नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के साथ जुड़कर बढ़ेगा आगे: योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरूवार को कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 को 2022 तक विभिन्न चरणों में लागू किया जायेगा।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरूवार को कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 को 2022 तक विभिन्न चरणों में लागू किया जायेगा। सीएम योगी ने लखनऊ विश्वविद्यालय के शताब्दी उत्सव के शुभारम्भ कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में ज्ञान के सैद्धान्तिक पक्ष के साथ ही व्यावहारिक पक्ष का भी समावेश है। ज्ञान के इन दोनों पक्षों में समन्वय आवश्यक है। इससे विद्यार्थी डिग्री प्राप्त करने के साथ ही स्वावलम्बी और समाज के आधार स्तम्भ बनेंगे। लखनऊ विश्वविद्यालय नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के साथ जुड़कर आगे बढ़ेगा, तो नये प्रतिमान स्थापित करेगा।

अपनी स्थापना के सौ वर्ष पूर्ण करने पर लखनऊ विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि इस गौरवशाली यात्रा के दौरान विश्वविद्यालय ने अकादमिक क्षेत्र में राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। इस विश्वविद्यालय ने देश को राष्ट्रपति सहित अनेक लब्ध प्रतिष्ठ न्यायमूर्ति, राजनेता, प्रशासनिक अधिकारी, प्राचार्य, वैज्ञानिक और उद्योगपति दिये हैं।

उन्होंने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय ने अपनी सौ वर्ष की यात्रा शिक्षा के क्षेत्र में जो प्रतिमान गढ़े हैं, वह अन्य राज्य विश्वविद्यालयों के लिए भी अनुकरणीय हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी समाज तभी आत्मनिर्भर और स्वावलम्बी बन सकता है, जब वह सरकार से आगे चले। प्रधानमंत्री ने नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से समाज को आगे रखकर जो कार्य प्रारम्भ किया है, वह ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ का आधार सिद्ध होगा।

ये भी पढ़े : स्मार्ट सिटी योजना के तहत शासकीय मकान तोड़ने की अनुमति के लिये समिति गठित

शिक्षण संस्थानों को जनसरोकारों से जुड़ने की जरूरत

सीएम योगी ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को जनसरोकारों से जुड़ने की जरूरत है। विद्यार्थियों, शिक्षकों के साथ ही अभिभावक, पुरातन छात्र भी शिक्षण संस्थानों के अंग होते हैं। शिक्षण संस्थानों में इनकी भी उपयोगी भूमिका है, क्योंकि इनके पास विभिन्न क्षेत्रों की जानकारी होती है। उन्होंने कहा कि ज्ञान का क्षेत्र विस्तृत है। इसलिए ज्ञान के क्षेत्र में सबको जोड़कर आगे बढ़ने से शिक्षा एवं शोध की गुणवत्ता का स्तर बढ़ता है।

ये भी पढ़े : हरियाणा सरकार खरीदेगी किसानों से पराली, बनाएगी इंधन के लिये ब्रिकेट्स

कोविड-19 की चुनौती के दौरान लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा सेनेटाइजर बनाया

शिक्षण संस्थानों के आमजनमानस से जुड़ने और स्थानीय समस्याओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि कोविड-19 की चुनौती के दौरान लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा सेनेटाइजर बनाया गया। सभी शिक्षण संस्थानों द्वारा आवश्यकता पड़ने पर समाज के लिए ऐसे उपयोगी कार्य किये जाने चाहिए।

Related Articles

Back to top button