अब LU में ओएमआर शीट पर लगेगी Attendance

question_img2लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के स्टूडेंट अक्सर परीक्षा विभाग में इस समस्या को लेकर चक्कर काटते नजर आते हैं कि उन्होंने परीक्षा तो दी लेकिन रिजल्ट घोषित नहीं हुआ या रिजल्ट में किसी पेपर में उन्हें अनुपस्थित दिखा दिया गया। इस समस्या का समाधान निकालते हुए अब परीक्षा विभाग ने ओएमआर शीट पर ही उपस्थिति दर्ज कराने का निर्णय लिया है।

इन शीट्स का उपयोग परीक्षा केंद्रों पर शुरू होगा। परीक्षा के बाद केंद्र अधीक्षक इन शीट्स को अलग से पैक कर विवि को देंगे। विवि इन्हें स्कैन कराएगा जिससे सारा डाटा डिजिटल फॉर्म में आ जाएगा। इसके बाद मूल्यांकन के दौरान भी ओएमआर शीट का प्रयोग होगा जिसको स्कैन किया जाएगा।

परीक्षा नियंत्रक एसके शुक्ला ने बताया कि जब उपस्थिति और मूल्यांकन का सारा डाटा ओएमआर शीट पर होगा तो उनको सॉफ्टवेयर की सहायता से एक क्लिक पर मिलाया जा सकता है। इससे रिजल्ट में किसी स्टूडेंट को बिना वजह अनुपस्थित आने की समस्या खत्म हो जाएगी।

पहले हो चुका है बड़ा फर्जीवाड़ा

कुछ समय पहले ही पंजाब में जब शिवाल गुप्ता की मार्क्सशीट को फर्जी पाया गया तो जांच शुरू हुई। पंजाब पुलिस की टीम जब लविवि और शिया पीजी कॉलेज जहां से शिवाल को छात्र दिखाया गया था पहुंची तो पता चला कि मार्क्सशीट में दिखाया गया कि शिवाल ने 2006 में एलएलबी की पढ़ाई यहां से की है, लेकिन कॉलेज व विवि के रिकॉर्ड से वह छात्र नहीं है। विवि के ब्लू चार्ट को देखा गया तो उसमें रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर शिवाल को छात्र बनाने की बात सामने आई थी।

एक चौंकाने वाली बात यह भी रही कि विवि में उस समय की जो उपस्थिति दर्ज थी उसमें शिवाल ने तीन परीक्षाएं दी थीं। इसे लेकर यह आशंका लगाई जा रही है कि वह उपस्थिति का चार्ट भी बाद में फर्जीवाड़ा कर विवि रिकॉर्ड में शामिल हुआ। यदि ओएमआर पर दर्ज उपस्थिति को स्कैन कर लिया जाएगा तो बाद में कोई छेड़छाड़ भी नहीं हो सकेगी।

प्रैक्टिकल शीट भी होगी ओएमआर

विवि अपनी प्रैक्टिकल अवॉर्ड शीट को भी ओएमआर कराने जा रहा है। इससे छात्र-छात्राओं के अंक, रोल नंबर व अन्य जानकारी ओएमआर पर होगी जिसे स्कैन कर पूरा डाटा डिजिटल प्रारूप में इकट्ठा होगा। कई बार रिजल्ट में प्रैक्टिकल के अंक चढ़ने को लेकर भी शिकायतें आती हैं, वह भी इससे दूर हो जाएंगी।

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