किराए के घर पर रहने वालों, अब टाइम पर देना किराया नहीं तो…

उत्तर प्रदेश में कई तरह के सुधार और बदलाव किए गए हैं। खासकर के मकान मालिक और किराए दार के लिए। अब अगर किराएदार तय समय पर किराया नहीं देता है तो मकान मालिक के पास उसे निकालने का हक होगा।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने अध्यादेश 2021 को मंजूरी दे दी है। इस अध्यादेश को यूपी में बतौर कानून लागू कर दिया गया है। बता दें कि अध्यादेश 2021 को  पिछले दिनों पेश किया गया था।  जिसे अब राज्यपाल की तरफ से लागू करने की मंजूदी दे गई है।

इस अध्यादेश के माध्यम से उत्तर प्रदेश में कई तरह के सुधार और बदलाव किए गए हैं। खासकर के मकान मालिक और किराए दार के लिए। अब अगर किराएदार तय समय पर किराया नहीं देता है तो मकान मालिक के पास उसे निकालने का हक होगा। साथ ही मनमाने तरीके से किराया बढ़ाने पर रोक लगाने के लिए सालाना वृद्धि दर तक प्रतिशत तय किया गया है।  वहीं, अब प्रदेश में किराए का मकान लेने के लिए अनुबंध करना अनिवार्य होगा।

यह भी पढ़ें: WhatsApp Privacy Policy: अब ले सकते हैं सुकून की सांस, नहीं शेयर होगी आपकी पर्सनल चैट

वहीं प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार ने बताया कि राज्यपाल की मंजूरी मिलने के साथ ही सोमवार से प्रदेश में संबंधित अध्यादेश लागू हो गया है। गौरतलब  है कि गत शुक्रवार को योगी कैबिनेट ने इस अध्यादेश को मंजूरी दी थी।

48 वर्ष पुराने उत्तर प्रदेश शहरी भवन (किराये पर देने, किराया तथा बेदखली विनियमन) अधिनियम-1972 के स्थान पर लागू किए गए अध्यादेश के तहत लिखित करार (अनुबंध) के बिना अब भवन को किराए पर नहीं दिया जा सकेगा। करार के लिए भवन स्वामी और किरायेदार को अपने बारे में जानकारी देने के साथ ही भवन की स्थिति का भी विस्तृत ब्योरा तय प्रारूप पर देना होगा। इसमें दोनों की जिम्मेदारियों का भी उल्लेख होगा।

यह भी पढ़ें: कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट ( Supreme court ) कुछ ही देर में सुनाएगा फैसला

Related Articles

Back to top button