ऑल इंडिया रेडियो के निदेशक रह चुके मधुकर गंगाधर का 88 वर्ष की उम्र में निधन

गंगाधर की पत्नी और बेटी का निधन कुछ वर्ष पूर्व हो गया था। बिहार के पूर्णिया जिले के झलारी गांव में सात जनवरी 1932 में जन्मे लेखक मधुकर गंगाधर नयी कहानी आंदोलन के प्रमुख कहानीकार थे।

नयी दिल्ली: हिंदी के प्रख्यात लेखक मधुकर गंगाधर का 88 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती थे। जहाँ इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।

गांव में किया जायेगा अंतिम संस्कार

गंगाधर की पत्नी और बेटी का निधन कुछ वर्ष पूर्व हो गया था। बिहार के पूर्णिया जिले के झलारी गांव में सात जनवरी 1932 में जन्मे लेखक मधुकर गंगाधर नयी कहानी आंदोलन के प्रमुख कहानीकार थे। वह हिंदी के यशस्वी लेखक फणीश्वर नाथ रेणु तथा कमलेश्वर के मित्र थे। उनका अंतिम संस्कार सोमवार को उनके गांव में किया जाएगा।

ऑल इंडिया रेडियो के निदेशक रह चुके थे मधुकर गंगाधर 

मधुकर ने पूर्णिया कॉलेज से इंटर और बी. ए. तथा पाटना विश्वविद्यालय के एम.ए किया था। वे पटना आकाशवाणी में रेणुजी के सहयोगी थे। साथ ही वह इलाहाबाद में ऑल इंडिया रेडियो के निदेशक भी थे। बाद में वह दिल्ली ऑल इंडिया रेडियो में उप महानिदेशक बने। 39 वर्ष तक ऑल इंडिया रेडिया में सेवा देने के बाद वह दिल्ली में स्वतंत्र लेखन कर रह रहे थे।

कई चर्चित कृतियों के थे लेखक

उनकी कृतियों की बात की जाये तो उन्हों ने दस कहानी संग्रह आठ उपन्यास और तीन नाटक लिखे है। शेरछाप कुर्सी, मोतियों वाले हाथ, हिरना की आंखें उनकी चर्चित कृतियाँ हैं।

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