माघ मेला क्षेत्र में भूमि आंवटन का मामला पहुंचा हाईकोर्ट

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Magh Mela

इलाहाबाद। माघ मेला क्षेत्र में साधु संतो के लिए भूमि आवंटन गले की हड्डी बनकर रह गया है। आए दिन माघ मेला क्षेत्र में साधुओं के बवाल का सामना जिला प्रशासन को करना पड़ रहा है। मेले में भूमि आंवटन को लेकर संतों की संस्था खाक चौक के लिए भूमि आवंटन का विवाद बढ़ता ही जा रहा है। मामले के निपटारा के लिए जिला प्रशासन की ओर से तमाम प्रयास किए गए लेकिन मामला बढ़ते हुए कोर्ट तक जा पहुंचा है।

साधू-संतों ने लगाया पक्षपात का आरोप
खाक चौक के साधू-संत मेला प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगा रहे हैं। संतों का आरोप है कि संगम तट पर गंगा से लगी हुई जमीन रसूखदार लोगों के लिए रखी जा रही है। जिसका मेला प्रशासन आवटंन नहीं कर रहा है। संतो को भ्रमित करते हुए उन्हें दूरदराज क्षेत्र में जमीन उपलब्ध कराई जा रही है।

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मामले के निपटारे के लिए पहुंचे उच्च न्यायालय
खाक चौक समिति के संतों का कहना है कि हम लोग मेला प्रशासन से बात कर न्याय करने की बात किए लेकिन यहां बात बनते नजर नहीं आई तो हमें मजबूरन हाई कोर्ट के शरण में जाना पड़ा। समिति के अध्यक्ष माधवदास जमीन आवंटन को लेकर संतों के साथ जमे हुए हैं। वहीं मेला प्रशासन का कहना है कि माधवदास से बात कर विवाद सुलझाने की कोशिश की गई लेकिन संत बात मानने को तैयार नहीं है। संत अपनी जिद्द पर अड़े हुए हैं। माधवदास का कहना है कि अभी तक यह परंपरा रही है कि समिति को एक मुश्त जमीन का आवंटन मेला प्रशासन कर देता था, उसके बाद खाक चौक समिति का अध्यक्ष अपने हिसाब से सभी साधू-संतों को भूमि देता था, लेकिन इस बार मेला प्रशासन ने संतो में फूट डालने की कोशिश की है।

हर साल आवंटित होती है भूमि

भूमि आवंटन विवाद के मुद्दे पर मेला अधिकारी हरि ओम शर्मा का कहना है कि खाक चौक समिति को जहां पर हर साल भूमि आवंटन किया जाता था, वहीं पर इस बार भी भूमि आवंटन किया गया है।  समिति के साधू-संत में खुद ही एक विचार नहीं बन पा रहा है। खाक चौक समिति के साधू-संत माधवदास को अध्यक्ष मानने को तैयार नहीं थे। संतो का कहना था कि सीधे तौर पर उन्हें भूमि का आवंटन किया जाए, उनकी मांग के मुताबिक भूमि का आवंटन कर दिया गया है।इसके बावजूद विवाद शांत नही हुआ और समिति के संत कोर्ट के शरण में पहुंचे हैं।

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