माघ मेले में  बनेगी  राम मंदिर निर्माण बनाने की रणनीति

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rammandir-proposed इलाहाबाद। राम मंदिर बनाने के लिए जीवन भर मेहनत करने वाले अशोक सिंहल के सपने को पूरा करने के लिए  माघ मेले के दौरान अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए विश्व हिंदू परिषद (विहिप)  रणनीति तय करेगी।

विहिप के प्रांतीय कार्यालय केसर भवन में काशी प्रांत की  बैठक के समापन सत्र में विहिप के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण की रणनीति माघ मेले में विहिप की ओर से आयोजित संत सम्मेलन संतों की मौजूदगी में होगी।
देश भर के संत करेंगे शिरकत
माघ मेले में आयोजित होने वाले संत सम्मेलन में देश भर के नामी संत शिरकत करेंगे। उनके बीच ही अयोध्या में मंदिर निर्माण का प्रस्ताव पास होगा। मंदिर निर्माण के लिए अगर संसद में कानून बनाने का काम हिंदू सांसदों द्वारा न किया गया तो एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसके लिए विहिप कार्यकर्ता घर-घर जाकर हिंदू समाज को जागृत करने का काम करेंगे।

मेंले में देखने को मिलेंगी तरह तरह की चीजें

माघ मेले के दौरान संगम की रेती पर बसने वाली तंबुओं की नगरी में तरह-तरह की चीजे देखने को मिलती हैं।  माघ मेले में आए कल्सावासी और  उनके साथ आये लोग अनेक तरह की चीजों से परिचित होते हैं। लेकिन इस बार कल्पवासी, श्रद्धालु  भारतीय संस्कृति के वैश्विक सरोकारों से परिचित हो सकेंगे। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से संगम की रेती पर पखवारे भर के लिए आयोजित ‘चलो मन गंगा-यमुना तीर’ के तहत राष्ट्रीय ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकारों का भी जमावड़ा करने की तैयारी में जुटा है। संगीत नाटक अकादमी के सहयोग से मेले के दौरान कई चर्चित अंतरराष्ट्रीय कलाकारों, दलों की धार्मिक प्रस्तुतियों सहित अनेक नाटकों का मंचन भी किया जाएगा।

 संगीत नाटक अकादमी करेगा विशेष आयोजन

संगीत नाटक अकादमी के केंद्र निदेशक गौरव कृष्ण बंसल ने बताया कि स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के कलाकार मेले के दौरान भारतीय संस्कृति के विविध पक्षों से जुड़़ी प्रस्तुतियां देते हैं लेकिन अबकी श्रद्धालुओं को भारतीय संस्कृति के वैश्विक स्वरूप से परिचित कराने की योजना है। इसके तहत दुनिया के उन देशों के कलाकारों को भी आमंत्रित किया जाएगा, जहां भारतीय मूल के लोगों के बीच स्थानीय स्वरूप में भारतीय सांस्कृतिक परंपरा मौजूद है। ऐसे में सांस्कृतिक केंद्र के मंच पर भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का अंतरराष्ट्रीय स्वरूप दिखेगा। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर इम्फाल के वसंतरास शाकुंतल के ओपेन्द्रो जन्मदाकथक केंद्र के कलाकारों और दिल्ली की सुस्मिता घोष प्रस्तुति देंगी।

सांस्कृतिक केंद्र की ओर से अबकी दो और मंच बनाए जाएंगे। निदेशक गौरव कृष्ण बंसल के मुताबिक अधिक से अधिक लोगों के बीच सांस्कृतिक प्रस्तुतियों देने के लक्ष्य के तहत परेड के अतिरिक्त अरैल और झूंसी की ओर से भी मंच बनाए जाएंगे। कार्यक्रम का प्रसारण ऑन लाइन भी किया जाएगा।

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