महंत योगी आदित्यनाथ का 49वां जन्मदिन आज, आसान नहीं था CM बनने तक का सफ़र

लखनऊ: देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखण्ड जो उस समय उत्तर प्रदेश ही था, के पौड़ी गढ़वाल जिले में यमकेश्वर तहसील के पंचुर गांव के एक गढ़वाली राजपूत परिवार में हुआ था. यूपी के मुख्यमत्री के साथ ही वे गोरक्षपीठ के महंत भी हैं. नाथ सम्प्रदाय से जुड़े गोरक्षपीठ के महंत योगी आदित्यनाथ लगातार 5 बार सांसद भी रह चुके हैं. आज योगी आदित्यनाथ अपना 49वां जन्मदिन मना रहे हैं.

‘गणित से MSC हैं योगी आदित्यनाथ”

योगी आदित्यनाथ ने गणित विषय में BSC-MSC किया है. वे 1993 में MSC के दौरान गोरखपुर पहुंचे थे. उन्होंने 15 फरवरी 1994 को गोरखनाथ मंदिर के महंत अवैद्यनाथ से दीक्षा ली और घर को छोड़ योगी बन गए.

26 साल की उम्र में पहली बार बने सांसद, यहाँ से शुरू हुआ सियासी सफ़र

बता दें कि योगी से मुख्यमंत्री तक के सफ़र की बात करें तो गोरखनाथ मंदिर के पूर्व महंत अवैद्यनाथ ने 1998 में राजनीति से संन्यास लिया और योगी आदित्यनाथ को अपना उत्तराधिकारी बनाया. जिसके बाद से ही योगी आदित्यनाथ की राजनीति शुरू हुई. योगी 1998 में गोरखपुर से लोकसभा चुनाव जीतकर सबसे कम उम्र में संसद पहुंचे. योगी आदित्यनाथ सिर्फ 26 साल की उम्र में पहली बार सांसद बने और तब से लगातार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. 2014 में योगी आदित्यनाथ पांचवी बार सांसद बने. पहले ही चुनाव में जीत दर्ज करने वाले योगी आदित्यनाथ को सबसे कम उम्र में सांसद बनने का गौरव हासिल हुआ. वही पूर्व महंत अवैद्यनाथ के देहांत के बाद योगी आदित्यनाथ को गोरखनाथ मंदिर का महंत बनाया गया.

सियासी सफ़र में विवादों से हुआ समाना

राजनितिक सफ़र जों सांसद बनने से शुरू हुआ त्यों योगी आदित्यनाथ क्षेत्र की जनता के अगुवा बने. CM की कुर्सी पर पहुंचने से पहले योगी आदित्यनाथ विवादों में लगातार बने रहे. साल 1999 के फरवरी महीने की शुरवात में गोरखपुर के समीप महाराजगंज जिले के थाना कोतवाली स्थितपचरुखिया कांड ने योगी आदित्यनाथ को और चर्चा में ला दिया था. इसी कांड के बाद से उनके ऊपर कई बार एक धर्म के विरोधी और सांम्प्रदायिक भाषण देने का आरोप लगा. गोरखपुर में हुए संप्रदायिक दंगों के दौरान योगी अदियानाथ को जेल भी जाना पड़ा.

इसके बाद लगातार जनता के अगुवा बने

अपने सियासी सफ़र में सांसद बने योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान अपनी हिन्दू युवा वाहिनी के साथ ही बजरंग दल जैसे संगठनों को मजबूती दी. योगी आदित्यनाथ ने हिन्दुत्व और विकास का झंडा दोनों बुलंद किया. साल 2007 के विधानसभा चुनाव और 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान उनके बगावती तेवर भी दिखाए दिए. योगी आदित्यनाथ ने साल 1998, 99, 2004, 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव में लगातार पांचवी जीत हासिल की. साल 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को जीत मिली. जीत के बाद उन्हें सूबे का मुख्यमंत्री चुना गया और 19 मार्च 2017 से वे उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री हैं.

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