Mahatma Gandhi’s 73rd Death Anniversary: नाथूराम गोडसे ने क्यों मारी थी बापू को गोली?

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 73वीं पुण्यतिथि पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी ने किया नमन

नई दिल्ली: देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Father of the Nation Mahatma Gandhi) की आज 73वीं पुण्यतिथि है। 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने बापू को गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। पुण्यतिथि पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी ने उन्हें नमन किया है।

दिल्ली में स्थित बिड़ला भवन में नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी जी को गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। नाथूराम गोडसे ने बापू पर लगातार एक के बाद एक तीन गोलियां मारी थी। जिसकी वजह से बापू की मौके पर ही मौत हो गई थी।

राज घाट पर श्रद्धांजली अर्पित

राज घाट दिल्ली में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पुण्यतिथि पर रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने श्रद्धांजली अर्पित किया। इसके बाद बापू को नमन करने के लिए सर्व धर्म प्रार्थना ‘रघु पति राघव राजाराम पतित पावन सीता राम, ईश्वर अल्लाह तेरे नाम सबको सन्मति दे’ भगवान भजन में सम्मिलित हुए।

राष्ट्रपति ने किया नमन

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अमर-बलिदान के दिन कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से उनकी पुण्य स्मृति को मैं नमन करता हूं। शांति, अहिंसा, सादगी, साधनों की पवित्रता और विनम्रता के उनके आदर्शों का हमें पालन करना चाहिए। आइए हम उनके द्वारा दिखाए गए सत्य और प्रेम के मार्ग पर चलने का संकल्प लें।

प्रधानमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि महान बापू को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि। उनके आदर्श लाखों लोगों को प्रेरित करते रहते हैं।

शहीद दिवस पर हम उन सभी महान महिलाओं और पुरुषों के वीर बलिदानों को याद करते हैं जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता और हर भारतीय की भलाई के लिए खुद को समर्पित किया।

राहुल गांधी ने किया नमन

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बापू को नमन करते हुए कहा कि ‘सत्य लोगों के समर्थन के बिना भी खड़ा रहता है, वह आत्मनिर्भर है।’ बापू की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि

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कौन था नाथुराम गोडसे?

नाथुराम गोडसे का पूरा नाम नाथुराम विनायक गोडसे है। गोडसे एक कट्टर हिन्दू थे और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पुणे से पूर्व सदस्य थे। गोडसे ने 30 जनवरी 1948 को दिल्ली के बिड़ला भवन में महात्मा गांधी की हत्या कर दी थी। नाथुराम गोडसे का मानना था कि भारत विभाजन के समय गाँधी ने भारत और पाकिस्तान के मुसलमानों के पक्ष का समर्थन किया था। जबकि हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर अपनी आंखें मूंद ली थी। गोडसे ने नारायण आप्टे और 6 लोगों के साथ मिल कर इस हत्याकाण्ड की योजना बनाई थी।

एक साल से अधिक चले मुकद्दमे के बाद 8 नवम्बर 1949 को उन्हें मृत्युदण्ड दिया गया। हालांकि महात्मा गाँधी के पुत्र, मणिलाल गाँधी और रामदास गाँधी द्वारा विनिमय की दलीलें पेश की गई थीं, परन्तु उन दलीलों को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, महाराज्यपाल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी और उपप्रधानमंत्री वल्लभभाई पटेल, तीनों द्वारा ठुकरा दिया गया था। 15 नवम्बर 1949 को गोडसे को अम्बाला जेल में फाँसी दे दी गई।

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