Mahavir Jayanti 2021: जानिए क्यों नहीं करना चाहते थे महावीर शादी, 30 वर्ष की आयु में राज वैभव का त्याग

भगवान महावीर के जन्म का उत्सव मनाने के लिए जैन धर्म के लोग महावीर जयंती को धूम- धाम के साथ मनाते हैं, भगवान महावीर जैन धर्म के २४वें तीर्थंकर है

नई दिल्ली: भगवान  महावीर के जन्म का उत्सव मनाने के लिए जैन धर्म के लोग  महावीर जयंती (Mahavir Jayanti) को धूम- धाम के साथ मनाते हैं। भगवान महावीर  जैन धर्म के २४वें तीर्थंकर है। यह जैनों का सबसे प्रमुख पर्व है। इस मौके पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले कि भगवान महावीर का जीवन संदेश हमें शांति और आत्मसंयम की सीख देता है। जब हम सभी देशवासी मिलकर कोरोना के इस संकट का मुकाबला कर रहे हैं, ऐसे समय में महावीर जयंती पर मेरी भगवान महावीर से प्रार्थना है कि सभी को स्वस्थ रखें और हमारे प्रयासों को सफलता का आशीर्वाद दें।

महावीर का जन्म

भगवान महावीर जैन धर्म के चौंबीसवें (24वें) तीर्थंकर है। भगवान महावीर का जन्म करीब ढाई हजार साल पहले यानी कि ईसा से 599 वर्ष पूर्व, कुंडग्राम (बिहार) में हुआ था। 30 वर्ष की आयु में महावीर ने संसार से विरक्त होकर राज वैभव त्याग दिया और संन्यास धारण कर आत्मकल्याण के पथ पर निकल गये। 12 वर्षो की कठिन तपस्या के बाद उन्हें केवलज्ञान प्राप्त हुआ जिसके पश्चात् उन्होंने समवशरण में ज्ञान प्रसारित किया। 72 वर्ष की आयु में उन्हें पावापुरी से मोक्ष की प्राप्ति हुई। इस दौरान महावीर स्वामी के कई अनुयायी बने जिसमें उस समय के प्रमुख राजा बिम्बिसार, कुनिक और चेटक भी शामिल थे। जैन समाज द्वारा महावीर स्वामी के जन्मदिवस को महावीर-जयंती तथा उनके मोक्ष दिवस को दीपावली के रूप में धूम धाम से मनाया जाता है।

भगवान महावीर का विवाह

दिगम्बर परम्परा के अनुसार महावीर (Mahavir) बाल ब्रह्मचारी थे। भगवान महावीर शादी नहीं करना चाहते थे क्योंकि ब्रह्मचर्य उनका प्रिय विषय था। भोगों में उनकी रूचि नहीं थी। परन्तु इनके माता-पिता शादी करवाना चाहते थे। दिगम्बर परम्परा के अनुसार उन्होंने इसके लिए मना कर दिया था। श्वेतांबर परम्परा के अनुसार इनका विवाह यशोदा नामक सुकन्या के साथ सम्पन्न हुआ था और कालांतर में प्रियदर्शिनी नाम की कन्या उत्पन्न हुई जिसका युवा होने पर राजकुमार जमाली के साथ विवाह हुआ।

 

इस महोत्सव पर जैन मंदिरों (Jain Temples) को विशेष रूप से सजाया जाता है। भारत में कई जगहों पर जैन समुदाय द्वारा अहिंसा रैली निकाली जाती है। इस अवसर पर गरीब एवं जरुरतमंदों को दान दिया जाता है। कई राज्य सरकारों द्वारा मांस एवं मदिरा की दुकाने बंद रखने के निर्देश दिए जाते हैं। भारत राज्य में राष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाता है।

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