केंद्रीय कैबिनेट का बड़ा फैसला, इतने मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की नीलामी को मंजूरी

नई दिल्ली: केन्द्र सरकार ने पूर्वोत्तर राज्यों में बिजली आपूर्ति के बुनियादी ढ़ांचे की मजबूती के लिए 6700 करोड़ रुपए के संशोधित व्यय को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति में इस आशय के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इसके अलावा केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 2251.25 मेगा हर्टज स्पेक्ट्रम की नीलामी को मंजूरी दे दी है। ये स्पेक्ट्रम 20 साल के लिए आवंटित किए जाएंगे।

6700 करोड़ रुपए की दी मंजूरी

बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पूर्वोत्तर के छह राज्यों में बिजली आपर्ति के बुनियादी ढ़ांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र बिजी प्रणाली सुधार परियोजना के संशोधित व्यय 6700 करोड़ रुपए को मंजूरी दी गई है। पहले यह राशि 5000 करोड़ रुपए थी। इससे राज्यों के बीच बिजली पारेषण और वितरण में मजबूती आएगी।

उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर क्षेत्र के समग्र विकास में मदद मिलेगी और क्षेत्र के निवासियों के 24 घंटों बिजली मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि यह पूरी तरह से केंद्र सरकार प्रायोजित योजना है। इसमें केंद्र सरकार और विश्व बैंक के 50- 50 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।

इसके अलावा केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 2251.25 मेगा हर्टज स्पेक्ट्रम की नीलामी को मंजूरी दे दी है। ये स्पेक्ट्रम 20 साल के लिए आवंटित किए जाएंगे। संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि स्पेक्ट्रम का रिजर्व मूल्य 3,92,332.70 करोड़ रूपये रखा गया है। उन्होंने बताया कि इसके लिए इसी महीने आवेदन से संबंधित प्रक्रिया शुरू की जाएगी और नीलामी आगामी मार्च में शुरू होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि ये स्पेक्ट्रम 700 , 800, 900, 1800, 2100, 2300 और 2500 मेगा हर्टज फ्रीक्वेंसी बैंड में आवंटित किए जाएंगे। इससे पहले स्पेक्ट्रम की नीलामी का फैसला चार साल पूर्व वर्ष 2016 में लिया गया था।

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