सावन में ऐसे बनाएं घेवर और ले खाने का मजा

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नई दिल्ली। सावन में सभी सुहागिनें अपने मायके आती हैं। वे अपनी यादों को ताजा करने के साथ-साथ कई तरीके के पकवान भी बनाती हैं। वैसे सावन की बात हो तो घेवर की बात न करना बेमानी होगा। सावन और घेवर का पुराना संबंध है। इस मौसम में बाजार में घेवर की धूम मची है। लेकिन अगर इसको घर पर बनाने का मौका मिले तो स्वाद और खुशियां दोनों डबल हो जाती हैं।

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घेवर

सावन के मौके पर आज हम लोग घेवर बनाने की विधि जानते हैं।

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 सामग्री –

250 ग्राम मैदा, 50 ग्राम देशी घी, 50 ग्राम दूध, 4 कप पानी, घी या तेल- घेवर तलने के लिये, घी या तेल – घेवर तलने के लिये, चाशनी के लिए, 400 ग्राम चीनी, 200 ग्राम या 1 कप पानी

विधि –

सबसे पहले मैदा छानकर किसी बर्तन में रख लें। अब घी को किसी बड़े बर्तन में डालकर उसमें बर्फ के टुकड़े डाल दें और उसे फेंटे। तब तक फेंटते रहिए जब तक घी क्रीम जैसा ना बन जाए। अब बर्फ के टुकड़े निकाल दीजिये और घी को एक दम चिकनी क्रीम बनने तक फेटते रहिए।

इसके बाद इस क्रीम में मैदा थोड़ी थोड़ी डाल कर फेटते जाइये। मिश्रण गाढ़ा होने पर दूध मिला दीजिये और थोड़ा थोड़ा पानी डाल कर खूब फेंटिये। सारी मैदा डालकर अच्छी तरह मिलाइये और फेट कर चिकना गाढ़ा बैटर बना लीजिये।

अब इस बैटर में थोड़ा-थोड़ा करके इतना पानी डालिये कि इतना पतला हो जाए कि चमचे से घोल गिराने पर पतली धार से गिरे और घोल एकदम चिकना हो उसमें कोई गुठली न रहे।

कढ़ाई में करीब आधा से कम ऊंचाई तक घी भर कर गरम कीजिये। घी इतना गरम हो कि मैदा की कोई भी बूंद घी में गिरे तो वह तुरन्त ऊपर उठकर तैरने लगे।

अब मैदा का घोल किसी चमचे में भर कर बहुत ही पतली धार से इस गरम घी में डालिये, घोल डालने पर घी से झाग ऊपर उठते दिखाई देने लगते हैं। दूसरा चमचा घोल डालने के लिये 1-2 मिनट रुकिये, ताकि झाग खतम हो जायें।

अब फिर से दूसरा चमचा घोल भरकर बिलकुल पतली धार से घी में डालिये। इसी तरह आप जितना बड़ा घेवर बनाना चाहते हैं उसके हिसाब से उतनी बार घोल आप भगोने में डालेंगे, घोल को भगोने के बीच में डाला जाता है, यह घोल नीचे तले में जाता और तैर कर वापस ऊपर आता है और पहली परत के ऊपर पहुंच कर परत बनाता है। यदि घेवर में बीच में जगह न रहे तो चमचे की पतली डंडी से बीच से घोल हटाकर थोड़ी जगह बना दें। इसी जगह से घोल को डालते रहिये जब तक सही आकार में घेवर ना बने।

जब आपको लगे कि इतना बड़ा घेवर सही है तब गैस को मीडियम कर दीजिये और हल्‍का गोल्‍डन ब्राउन ब्राउन होने तक सिकने दीजिये। अब घेवर को किसी लकड़ी या स्टील की पतली छड़, या कलछी को उलटा पकड़ कर उसे छेद में अटका कर एक कगरदार गहरी थाली में तिरछा रखिए। ताकि घेवर से निकला अतिरिक्‍त घी निकल कर उस थाली में इकठ्ठा हो जाय। इसी तरह सारे घेवर तल कर निकाल लीजिये।

अब 2 तार की चीनी की चाशनी बनायें इसके लिए एक भगोने में चीनी में 1 कप पानी डाल कर गैस पर रखिये। उबाल आने के बाद 5-6 मिनट तक पकाइये।

इसके बाद चाशनी को चम्मच से लेकर एक बूंद किसी प्लेट में गिराइये और हल्‍का ठंडा होने पर उंगली और अंगूठे के बीच चिपका कर देखिये। अगर वह उंगली और अंगूठे के बीच चिपक के और 2 तार बनें तो समझिए चाशनी तैयार है।

चाशनी को छूने लायक ठंडा कीजिये और एक थाली लीजिये, थाली के ऊपर एक प्याली रख लीजिये, एक घेवर लेकर प्याली के ऊपर रखिये और चाशनी को चमचे से घेवर के ऊपर फैला कर डालिये।

तैयार घेवरों को हवा में 1 घंटे सूखने दीजिये।, आपके घेवर तैयार हैं इन पर रबड़ी और कतरे हुये सूखे मेवे लगाकर सर्व कीजिए।

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