अविश्वास प्रस्ताव को लेकर ममता बनर्जी ने जताई असहमति, विपक्ष में पड़ सकती है दरार

नई दिल्ली: अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले अभी तक विपक्ष एकजुट होता नजर आ रहा था लेकिन इसी बीच एक ऐसी खबर आई है जो विपक्ष के मंसूबों के लिए झटका साबित हो सकता है। दरअसल, पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने उस अविश्वास प्रस्ताव लाने के विचार पर असहमति जताई है जिसे विपक्षी पार्टियां हथियार बनाकर मोदी सरकार के खिलाफ लोकसभा में पेश करने का मन बना रही थी।

ममता बनर्जी

अविश्वास प्रस्ताव को लेकर यह असहमति ममता बनर्जी ने मंगलवार को राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के संस्‍थापक प्रमुख शरद पवार से मुलाक़ात करने के पहले आया। आपको बता दें कि वाईएसआर कांग्रेस, तेदेपा और कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव लाने को लेकर नोटिस दिया है।

भले ही ममता बनर्जी ने अगले लोकसभा चुनाव में विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश में जरूर लगी हैं। लेकिन अविश्वास प्रस्ताव को लेकर उनके द्वारा दिए गये इस बयान ने एक नया राग छेड़ दिया है। उनके इस बयान को विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश पर कुठाराघात बताया जा रहा है।

आपको यह भी बता दें कि विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश में ममता बनर्जी का अहम रोल बताया जा रहा है। इस कोशिश में वह बढ़चढ़ कर हिस्सा भी ले रही हैं। ममता बनर्जी मंगलवार को संसद पहुंचीं, जहां उन्होंने शिवसेना के सांसद संजय राउत व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की। उन्होंने तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) की सांसद के.कविता से भी मुलाकात की। कविता तेलंगाना के मुख्यमंत्री के।चंद्रशेखर राव की बेटी हैं। इसके बाद उन्होंने शरद पवार से भी मुलाकात की।

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