ममी के बालों का खुल गया राज, कैसे सालों तक रहते है जीवित

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नई दिल्ली: मिश्र के पिरामिडो में आये दिनों ममी का मिलना पाया जाता है।मिस्र के पिरामिडों और ममी में हमेशा से दुनिया की दिलचस्पी रही है। समय-समय पर कई ऐसा चौंकाने वाली खोजें हुई हैं, जिन्होंने दुनिया को आश्चर्य में डाल दिया है। कुछ ऐसी ही खोज मॉस्को के कुर्चतोव इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने की है, जो शायद ही अब तक कभी हुई हो।वैज्ञानिकों ने प्राचीन मिस्र की तीन ममी के बालों पर शोध किया, जो करीब 3000 साल तक सुरक्षित रहे। रूसी वैज्ञानिकों ने इसका पता लगा लिया है कि आखिर ये बाल इतने लंबे समय तक कैसे संरक्षित रहे। इस शोध में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। शोधकर्ताओं का दावा है कि एक खास तरह के बाम के कारण ममी के बाल 3000 साल तक सुरक्षित रहे। शोधकर्ताओं के मुताबिक, ममी के बालों पर देवदार का गोंद लगाया गया था, जिसमें कई तरह के प्राकृतिक रसायन थे।शोधकर्ताओं ने बालों के रहस्य का पता लगाने के लिए इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल किया, जिसमें पता चला कि बालों पर लगाए गए बाम में बीफ फैट, अरंडी, पिस्ता का तेल और मधुमक्खियों से तैयार किया हुआ मोम शामिल था। रूसी वैज्ञानिकों का दावा है कि ममी को तैयार करने के लिए दो तरह का लेप तैयार किया जाता था। इनमें से एक बालों पर लगाया जाता था और दूसरा शरीर पर। रिसर्च में जिन ममीज का इस्तेमाल किया गया था, वो फिलहाल मॉस्को के पुशकिन स्टेट म्यूजियम में रखी गई हैं।

बता दें कि चीन मिस्र में शवों को ममी बनाने के लिए उसके आंतरिक अंगों को निकालकर नमक के साथ रख देते थे, ताकि नमी हट जाए। इसके बाद शरीर पर एक खास किस्म का लेप लगा दिया जाता था और पूरे शरीर पर कपड़े से लपेट दिया जाता था। इसके बाद उन्हें ताबूत में रखकर रेत में दफन कर दिया जाता था, ताकि ममी सालों तक सुरक्षित रहे।

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