चिटफंड का घोटाला करने वाले पॉल की मौत की दोषी केंद्र सरकार, ममता बनर्जी

कोलकाता:तृणमूल कांग्रेस नेता एवं अभिनेता तापस पॉल(61) की मंगलवार को मुंबई में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गयी। इस पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पॉल की मौत की जिम्मेदार केंद्रीय एजेंसियों का दबाव केंद्र सरकार की प्रतिशोध की राजनीति है। वह रोज वैल चिटफंड घोटाला मामले में आरोपी थे और करीब एक साल तक जेल में भी रहे थे।

ममता बनर्जी ने पॉल को श्रद्धांजलि दी। कोलकाता के रबिन्द्र सदन में ममता ने पत्रकारों से कहा, ‘तापस पॉल पर केंद्रीय एजेंसियों का गहरा दबाव था और वह केन्द्र की प्रतिशोध की राजनीति के शिकार हुए।’ पॉल का पार्थिव शरीर रबिन्द्र सदन में रखा गया है ताकि लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें।

इसी के साथ ममता ने कहा कि जेल हो रही है लेकिन केंद्रीय एजेंसियां यह साबित नहीं कर पा रही हैं कि उन लोगों का अपराध क्या है। बता दें कि पॉल कृष्णानगर से दो बार सांसद और अलीपुर से विधायक रह चुके हैं। उनके परिवार में पत्नी और एक बेटी है। पॉल का जन्म हुगली जिले के चंदन नगर में हुआ था और हुगली मोहसिन कॉलेज ने उन्होंने स्नातक किया था।

सीबीआई ने 2016 में रोज़ वैली चिटफंड मामले में उन्हें गिरफ्तार किया था और करीब 13 महीने बाद उन्हें जमानत मिली थी। इसके बाद से ही उन्होंने फिल्मों और सक्रिय राजनीति दोनों से दूरी बना ली थी। उन्होंने ‘साहेब’ (1981), ‘परबत प्रिया’ (1984), ‘भालोबाशा भालोबाशा’ (1985), ‘अनुरागर चोयन’ (1986) और ‘अमर बंधन’ (1986) जैसी कई हिट फिल्में दी। फिल्म ‘साहेब’ (1981) के लिए उन्हें ‘फिल्मफेयर’ पुरस्कार भी मिला था। बॉलीवुड में उन्होंने अपनी पारी की शुरुआत 1984 में फिल्म ‘अबोध’ से की थी।

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