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तीसरी बार West Bengal की मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर ममता बनर्जी ने कही ये बातें

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की कड़ी मेहनत के बावजूद भी ममता बनर्जी ने अकेले दम पर बंगाल की बाजी मार ली है और लगातार तीसरे बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी नई सरकार की पहली प्राथमिकता कोविड-19 से निपटना है और दूसरी प्राथमिकता कानून-व्यवस्था की स्थिति को बहाल करना है। इसके अलावा TMC की जीत के बाद बंगाल में हुए दंगों पर ममता बनर्जी ने सभी लोगों से शांति बनाये रखने की अपील करते हुए कहा कि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

शपथ लेने के बाद क्या बोलीं ममता?

बुधवार को तीसरी बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि मैं तुरंत नबन्ना जाऊंगी और कोरोना की स्थिति से निपटने के लिए योजना तैयार करने को लेकर बैठक करूंगी। कोरोना से निपटना हमारी पहली प्राथमिकता है और दूसरी प्राथमिकता कानून-व्यवस्था की स्थिति को बहाल करना है। अगर कोई व्यक्ति राज्य में हिंसा करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बंगाल में हुई हिंसा पर बोलीं दीदी

TMC की जीत के बाद बंगाल में हुई हिंसा पर ममता बनर्जी ने कहा कि मैं स्थिति से निपटने के लिए अपनी टीम गठित करूंगी और सभी राजनीतिक दलों से किसी भी प्रकार की हिंसा में शामिल नहीं होने की अपील करती हूं। हिंसा की कुछ घटनाएं हुई हैं और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी अपराधी बच नहीं पाए।

ममता बनर्जी ने आगे कहा कि प्रशासन को मजबूत करने के लिए सिविल और पुलिस अधिकारियों की नई तैनाती की जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों से स्थिति चुनाव आयोग के नियंत्रण में थी लेकिन अब अधिकारियों की हमारी टीम स्थिति संभालेगी।

शपथ ग्राहण के दौरान नहीं मौजूद रहा विपक्ष

राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने राजभवन में आयोजित एक सादे समारोह में ममता बनर्जी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान ममता के भतीजे और पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी, I-PAC प्रमुख प्रशांत किशोर, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष विमान बनर्जी, फिरहाद हकीम, अभिनेता से सांसद बने देव, प्रदेश के मुख्य सचिव अल्फान बंदोपाध्याय, पुलिस महानिदेशक समेत कई हस्तियां मौजूद रहीं। इस दौरान विपक्ष का कोई सदस्य मौजूद नहीं थे। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष और कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी और प्रदीप भट्टाचार्य को समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रणपत्र भी भेजा गया था, लेकिन वे नहीं पहुंचे।

2011 में पहली बार संभाली थी सत्ता

ममता बनर्जी ने पहली बार साल 2011 में पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री के रूप में सत्ता संभाली थी। जब उन्हाेंने तत्कालीन मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य की अगुवाई वाली वाम मोर्चा को चुनाव में परास्त किया था और इसी के साथ काफी लंबे समय से प्रदेश में वाम मोर्चा शासन का अंत हो गया। दूसरी बार उन्होंने साल 2016 के चुनाव में 211 सीट जीतकर अपनी पार्टी की सत्ता बरकरार रखी। हाल में 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने 213 सीटों पर चमत्कारिक जीत हासिल की है।

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