कैश की कमी पर बोलीं ममता बनर्जी, नोटबंदी जैसे हालात

कोलकाता| देश के कई राज्यों में कैश की किल्लत चल रही है। लगभग सभी एटीएम पर नो कैश का बोर्ड लगा हुआ है।  इस खबर के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि यह स्थिति उन्हें नोटबंदी के दिनों की याद दिला रही है।

ममता बनर्जीममता बनर्जी ने यह भी कहा कि क्या देश में ‘वित्तीय आपातकाल’ चल रहा है? बनर्जी ने ट्वीट किया, “कई राज्यों में एटीएम मशीनों में नकदी नहीं होने की रिपोर्ट देख रही हूं। बड़े नोट गायब हैं। यह नोटबंदी के दिनों की याद दिला रहा है। क्या देश में वित्तीय आपातकाल चल रहा है। नकदी की कमी, नकदरहित एटीएम मशीनें।”

बीते कुछ हफ्तों से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना व मध्य प्रदेश में मुद्रा की कमी की खबरे आ रही हैं।  महाराष्ट्र, गुजरात व बिहार के हिस्सों से भी सोमवार को मुद्रा की कमी की शिकायतें मिली थीं।

रिजर्ब बैंक ने कहा

रिजर्व बैंक के सूत्रों के मुताबिक त्योहारी मांग की वजह से कैश की कमी हुई है। सूत्रों के मुताबिक जरुरत एक हिसाब से कैश की सप्लाई नहीं हो पाई जिसकी वजह से ये मुश्किल सामने आई है। सूत्रों के ये भी कहना है कि असम, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश आदि राज्यों में लोगों के जरूरत से ज्यादा नकदी निकालने की वजह से यह संकट खड़ा हुआ है।

वहीँ कर्नाटक में चुनाव होने वाले जिसकी वजह से वहां भी रुपयों की मांग ज्यादा बढ़ गई है। फसल के समय किसानों द्वारा भी नकदी की निकासी बढ़ जाती है। कई राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, इसकी वजह से इस मसले पर तत्काल राजनीति भी शुरू हो गई। रिजर्व बैंक के मुताबिक एक दो दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी।

हालांकि, केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने स्थिति की समीक्षा की है और पर्याप्त मुद्रा से अधिक नकदी सर्कुलेशन में है। भारतीय रिजर्व बैंक के डाटा के अनुसार, छह अप्रैल तक 18. 17 लाख करोड़ रुपये की मुद्रा सर्कुलेशन में थी।

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