ममता सरकार की राज्य में मचा बवाल, छात्र संगठनों पर पुलिस ने बरसाई लाठी

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में वाममोर्चा के छात्र संगठन (Student Organizations) व लेफ्ट कार्यकर्ताओं (वामपंथी) के नवान्न अभियान के दौरान गुरुवार को पुलिस से झड़प हो गई। वामपंथी दल और छात्र संगठन (Student Organizations) मार्च निकाल कर ममता बनर्जी के कार्यालय पर घेराव करने वाले थे तभी पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो हंगामा काटने लगे। जब मामला हाथ से निकलने लगा तो पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया। इसके अलावा पुलिस ने उनपर आंसू गैस के गोले दागे और वाटर कैनन से पानी की बौछारें भी कीं।

इस हमले से नाराज लेफ्ट फ्रंट ने शुक्रवार सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक यानि 12 घंटे का बंगाल बंद करने का आह्वान किया है। इस आह्वान का कांग्रेस पार्टी ने समर्थन किया है। वाममोर्चा ने भी शुक्रवार को पुरे राज्य में धिक्कार दिवस मनाने का एलान किया है। फ्रंट के चेयरमैन बिमान बोस ने कहा है कि ममता सरकार की पुलिस ने नबाना मार्च के दौरान वामपंथी दल और छात्र संगठन पर पिटाई करते हुए उन पर आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन चलाए गए है।

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100 लोग हुए घायल

जब कोलकाता पुलिस को इस प्रदर्शन की जानकारी लगी तो प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर बैरिकेड लगाई गई थी। कार्यकर्ता और छात्रों का संगठन नबन्ना के लिए मार्च निकाले थे। इन संगठनों ने राज्य में नौकरियां और उद्योग धंधों की स्थापना करने की मांग करने के लिए आवाज उठाई थी। जब पुलिस ने उन्हें रोका तो प्रदर्शनकारी बैरिकेड को तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। इस बीच प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। पुलिस ने वाटर कैनन से उन पर तेज बौछारें शुरू कर दी। इस बवाल में समर्थकों व पुलिसकर्मियों समेत करीब 100 लोग घायल हो गए। घायलों में एक डीसीपी भी शामिल हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है।

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