ममता के एक्शन प्लान से बीजेपी के मंसूबो पर फिर सकता है पानी

पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी जहां अपनी लड़ाई तेज कर दी है, तो वहीँ अपनी जमीन को बचाये रखने के लिए ममता बनर्जी ने भी तैयारियां शुरू कर दी है। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पार्टी से बगावत करने वाले नेताओं की कमी की भरपाई के लिए खुद जमीन पर उतर आई है।

बागी नेताओं को घर में घेरने की तैयारी

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पार्टी की चिंताओं को देखते हुए लगातार अपने कार्यकर्ताओं से फीडबैक ले रही है। टीएमसी से बगावत करने वाले नेताओं के प्रभाव को ख़त्म करने के लिए ममता इन नेताओं को उनके घर में ही घेरने की रणनीति पर काम कर रही है।

बंगाल की जमीनी नेता माने जाने वाली ममता बनर्जी को पार्टी में बगावत की भनक पहले ही थी लिहाजा उन्होंने परिस्थियों से निपटने के लिए पहले ही रणनीति बना ली थी। ममता ने शुभेंदु अधिकारी के गढ़ पूर्वी मिदनापुर के 16 विधानसभा क्षेत्रों मेंअपने कई करीबी नेताओं को लगा रखा है।

ममता शुभेंदु और उनके साथ अन्य बागी नेताओं को उनके घर में घेरकर ग्रामीण वोट बैंक को अपने पाले में करने की कयावद तेज कर दी है। ममता के बारे में कहावत है कि वह बिना लड़े हार मानने वाली में से नहीं है, लिहाजा उन्होंने इस परिस्थित के लिए भी अपनी तैयारियां वखूबी की है।

अभिषेक बनर्जी व प्रशांत किशोर को लेकर पार्टी में बगावत

ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस पार्टी मौजूदा समय की सबसे बड़ी बगावत झेल रही है। टीएमसी के कई नेता ममता बनर्जी के कामकाज व उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को लेकर पार्टी से बागवती रुख अपना रहे है।

बता दें कि बीते कुछ दिनों में टीएमसी के कई कद्दावर नेता बीजेपी का दामन थाम चुके है। जिसमें अर्जुन सिंह, मुकुल राय, निसिथ प्रमाणिक और सब्यसाची दत्ता जैसे बड़े नाम शामिल है। इसके अलावा शुभेंदु अधिकारी के साथ अन्य नेताओं के बागी होने पर पार्टी को बिधानसभा चुनाव से पहले बड़ा झटका लगा है।

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