इस गांव के मांझी रामदास ने पत्नी-बेटे के साथ मिलकर 22 दिनों में खोदा कुंआ

महाराष्ट्र के वाशिम के जामखेड़ गांव में पानी की काफी दिक्कत होती थी तो रामदास फोफले ने लॉकडाउन में अपनी पत्नी और 12 साल के बेटे के साथ मिलकर 22 दिनों में कुंआ खोद डाला

मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra)  में वाशिम के जामखेड़ गांव (Jamkhed Village) के मांझी रामदास फोफले ने लॉकडाउन में अपनी पत्नी और 12 साल के बेटे के साथ मिलकर 22 दिनों में कुंआ (Well) खोद डाला। रामदास ने बताया कि, गांव में पानी की काफी दिक्कत थी, मैंने परिवार के साथ चर्चा करी कि समय बर्बाद हो रहा है लॉकडाउन में और फिर हमने कुंआ खोदने का सोचा।

रामदास फोफले ने बताया करीब 22 दिनों में हमने 20 फीट कुंआ खोदा और हमें पानी मिल गया लेकिन इतने पानी से अकेले मेरे घर का गुजारा हो सकता है। हमने 5-10 फीट कुंआ और खोदने का सोचा है जिससे मोहल्ले वालों की पानी की समस्या का भी हल हो जाए।

महाराष्ट्र का मांझी

दशरथ मांझी ‘माउंटेन मैन’ (Mountain Man) के रूप में भी जाना जाता है, बिहार में गया के करीब गहलौर गांव के एक गरीब मजदूर थे। केवल एक हथौड़ा और छेनी लेकर इन्होंने अकेले ही 360 फुट लंबी 30 फुट चौड़ी और 25 फुट ऊंचे पहाड़ को काट के एक सड़क बना डाली थी। 22 सालों की कठिन परिश्रम के बाद  दशरथ मांझी ने ये सड़क बनायी। इस सड़क ने अतरी और वजीरगंज ब्लाक की दूरी को 55 किमी से 15 किलोमीटर कर दिया।

ठिक इसी तरह ही महाराष्ट्र के जामखेड़ गांव के रामदास फोफले ने लॉकडाउन में अपनी पत्नी और 12 साल के बेटे के साथ मिलकर 22 दिनों में कुंआ खोद डाली। जिसकी वजह से उन्हें अब पीने का पानी मिल जाएगा। रामदास फोफले ने बताया कि इतने पानी से केवल उनके घर का ही गुजारा हो पाएगा। इसलिए हमने 5-10 फीट कुंआ और खोदने का सोचा है जिससे मोहल्ले वालों को भी पीने का पानी मिल जाए।

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