भारत, तिब्बत और हांगकांग की तरफ चीन के रुख को लेकर कनाडा में विरोध प्रदर्शन

नई दिल्लीः चीन अकसर अपनी विस्तारवादी नीतियों के कारण चर्चा में रहता है। जिसके चलते वैश्विक मंचों पर भी चीन की कम्यूनिस्ट सरकार की आलोचना होती रही है। इसी कड़ी में अब कनाडा में भी चीन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहा है।

कानाडा के वैंकूवर स्थित चीनी वाणज्यिक दूतावास कार्यालय के बाहर कनाडा और भारतीय संगठनों ने चीन के खिलाफ प्रदर्शन किया है। इन प्रदर्शनों में भारत, तिब्बत और हांगकांग के लिए चीनी सरकार के रुख की जमकर आलोचना की गई है।

प्रदर्शनकारियों ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हांगकांग में नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का भी विरोध किया है। वहीं प्रदर्शनकारी हांगकांग, तिब्बत और भारतीय हिस्सों को भी चीन से मुक्त करने की मांग कर रहे हैं।

गौरतलब है कि कनाडा के टोरंटो में करीब 300 प्रदर्शनकारी चीनी वाणिज्य दूतावास के बाहर एकत्रित हुए। इन प्रदर्शनकारियों में शामिल यूडन शमोतशंग कहा कि “बहुत सारी आँखें चीन सरकार पर हैं। एक तरफ कोविड ​​-19 के मामलों में इजाफा हो रहा है, तो दूसरी तरफ चीन द्वारा मानवाधिकार के उल्लंघनों के मामले में बढ़ोत्तरी हुई है।”

कनाडा में हुए चीन के खिलाफ इस विरोध में छह मुख्य मुद्दे उठाए गए। जिनमें कहा गया कि तिब्बत दुनिया के सबसे कम मुक्त स्थानों में से एक है, उइगर समुदाय के लाखों लोग नजरबंद शिविरों में बंद हैं, हांगकांग में मूलभूत स्वतंत्रता की हानि हो रही है, दक्षिणी मंगोलियाई संस्कृति का उन्मूलन, ताइवान को धमकाने तथा नारीवादियों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने जैसी घटंनाए चीन में आम हो गई हैं।

बता दें कि प्रदर्शन में इकट्ठे हुए, उसमें उइगर, तिब्बती, हांगकांग, ताइवान और दक्षिणी मंगोलिया के मूल निवासी शामिल थे। विरोध के दौरान एक भारतीय झंडा भी फहरा कर एकजुटता का संदेश भी दिया गया।

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