मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में कई परियोजनाओं की हुई समीक्षा

नमामि गंगे कार्यक्रम की प्रगति समीक्षा में बताया गया कि कुल 44 प्रोजेक्ट्स स्वीकृत किये गये हैं, जिनमें से 16 पूरे किये जा चुके हैं।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित प्रोजेक्ट माॅनिटरिंग ग्रुप की बैठक में नमामि गंगे परियोजना, अमृत योजना, स्मार्ट सिटी योजना, काशी विश्वनाथ मन्दिर काॅरीडोर का विकास एवं मेट्रो परियोजना की समीक्षा की गयी।

नमामि गंगे कार्यक्रम की प्रगति समीक्षा में बताया गया कि कुल 44 प्रोजेक्ट्स स्वीकृत किये गये हैं, जिनमें से 16 पूरे किये जा चुके हैं। 22 परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है। 06 परियोजनाओं की टेण्डर प्रक्रिया चल रही है।

पूर्ण परियोजनाओं में प्रयागराज की आठ सीवरेज एवं एसटीपी के कार्य, सीवरेज परियोजना कन्नौज, सीवरेज परियोजना नरौरा एवं अनूप शहर जनपद बुलन्दशहर, सीवरेज परियोजना गढ़मुक्तेश्वर, इंटरसेक्शन एवं नाला डायवर्जन सीसामऊ कानपुर, अयोध्या नगर में आई.एण्ड.डी. के कार्य, बिठूर कानपुर में आई.एण्ड.डी. व एसटीपी के कार्य तथा वृन्दावन मथुरा में नवीनीकरण एवं उच्चीकरण के कार्य शामिल है।

22 परियोजनाओं को जल्द पूर्ण करने की तैयारी 

जिन 22 परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है, उनमें रामगंगा सीवरेज परियोजना मुरादाबाद, जायका सीवरेज योजना वाराणसी, सीवरेज योजना-1 कानपुर, रमना वाराणसी में एसटीपी का निर्माण व रख-रखाव, राम नगर वाराणसी में आई.एण्ड.डी. तथा एसटीपी के कार्य शामिल हैं।

नमामि गंगे कार्यक्रम में जिन 16 परियोजनाओं को पूरा किया गया है उनकी स्वीकृति लागत 1685.808 करोड़ हैं, जिसमें से 1441.22 करोड़ रुपये व्यय किये गये हैं। प्रगति में चल रही 16 परियोजनाओं की स्वीकृति लागत 6161.13 करोड़ रुपये है, जिनमें से 1410.18 करोड़ रुपये व्यय हो चुके हैं। टेण्डर प्रक्रिया में चल रही 06 परियोजनाओं की स्वीकृति लागत 2299.88 करोड़ रुपये है। इस प्रकार नमामि गंगे कार्यक्रम में कुल स्वीकृत 44 परियोजनाओं की लागत 10146.82 करोड़ रुपये है।

स्मार्ट सिटी योजना के तहत इन शहरों का हुआ चयन 

स्मार्ट सिटी योजना झांसी, वाराणसी, आगरा, बरेली, प्रयागराज, कानपुर, अलीगढ़, सहारनपुर, लखनऊ एवं मुरादाबाद का चयन किया गया है।

वाराणसी, आगरा, कानपुर प्रत्येक को 441-441 करोड़ रुपये, प्रयागराज को 439 करोड़ रुपये, लखनऊ को 382 करोड़ रुपये, अलीगढ़ को 315 करोड़ रुपये, झांसी को 96 करोड़ रुपये, मुरादाबाद को 60 करोड़ रुपये तथा सहारनपुर को 77 करोड़ रुपये अवमुक्त किये गये हैं जिसमें 1610.50 करोड़ रुपये केन्द्रांश तथा 1140.00 करोड़ रुपये राज्यांश कुल 2750.50 करोड़ रुपये अवमुक्त किये गये हैं।

उक्त धनराशि में से रुपये 1568.89 करोड़ रुपये विभिन्न कार्यों पर व्यय किये गये हैं।

मार्च 2021 तक 75 प्रोजेक्ट्स हो जायेंगे तैयार 

अमृत योजना में 9865.9 करोड़ रुपये लागत की 256 निविदाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं। 274 परियोजनाएं लागत 11068.16 करोड़ रुपये के शासनादेश जारी किये गये हैं। वर्ष 2017-18 में 06, वर्ष 2018-9 में 43, वर्ष 2019-20 में 15 प्रोजेक्ट्स पूरे किये जा चुके हैं। इस वित्तीय वर्ष में अब तक 22 प्रोजेक्ट्स पूरे हो चुके हैं तथा मार्च, 2021 तक 75 प्रोजेक्ट्स पूरे हो जाएंगे।

काशी विश्वनाथ काॅरीडोर के निर्माण की प्रगति की समीक्षा में बताया गया कि द्वितीय चरण के निर्माण कार्यों का माह अक्टूबर, 2020 हेतु लक्ष्य 28 प्रतिशत के सापेक्ष 22.50 प्रतिशत कार्यपूर्ति की गयी है। परियोजना हेतु निर्गत प्रथम किश्त की धनराशि रुपये 127.50 करोड़ है, जिसक सापेक्ष माह अक्टूबर तक 37.50 करोड़ रुपये व्यय किये गये हैं।

कानपुर एवं आगरा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट पर भी चर्चा

बैठक में कानपुर एवं आगरा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट पर भी चर्चा की गयी। बैठक में बताया गया कि आईआईटी कानपुर से मोतीझील के मध्य कार्य तेजी से चल रहा है तथा 40 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। अगले साल 31 अक्टूबर तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य है।

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