99 साल तक जीने वाली रोज मैरी बेंटली को नहीं पता था, उनके सारे अंदरूनी अंग हैं गलत जगह

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लंदन (सूत्र): रोज मैरी बेंटली का निधन 99 साल की उम्र में प्राकृतिक कारणों से हुआ था। उन्होंने पूरी जिंदगी सामन्य तरीके से जी थी, जबकि उनसे शरीर के एक भी अंदरूनी अंग सही जगह पर नहीं थे। उन्हें भी मरते दम तक इस बात की कोई जानकारी नहीं थी। मगर, पोर्टलैंड के ओरेगोन हेल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी में जब उनकी देह को दान कर दिया गया, तब एनाटॉमी के छात्रों को इसका पता चला।

मरते दम तक बेंटली एक आम महिला थीं। मगर, अब वह इतिहास की किताब में दर्ज हो गई हैं और मेडिकल लिट्रेचर में उनका एक खास स्थान बन गया है। दरअसल, वह लेवोकार्डिया के साथ साइटस इनवर्सस नामक स्थिति में जी रही थीं, जिसमें अधिकांश महत्वपूर्ण अंग उलटे हो जाते हैं। जैसे शरीर के अंदर एक शीशा लगा हो।

ओरेगन हेल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी में क्लिनिकल एनाटॉमी पढ़ाने वाले सहायक प्रोफेसर कैमरन वॉकर ने कहा कि उनके जैसा कोई दूसरा व्यक्ति यदि तलाश करना हो, तो यह पांच करोड़ में से कोई एक होगा। मुझे नहीं लगता कि हममें से कोई भी उन्हें भूल पाएगा।

रोज मैरी का जन्म साल 1918 में ओरेगॉन तट के एक छोटे से शहर वाल्डपोर्ट में हुआ था। पेशे से हेयरड्रेसर रोज मैरी हमेशा से ही विज्ञान को लेकर दीवानी थीं। वह मानती थीं कि अगर उनको प्रशिक्षित करने का अवसर दिया गया होता, तो वह एक अच्छी नर्स होती। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान उन्होंने नर्स एड कॉर्प में वॉलेंटियर किया था।

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