मैटरनिटी लीव- सरकार के बनाये कानून से लाखों महिलाओं की नौकरियां खतरे में: सर्वे

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नई दिल्ली। सरकार ने महिलाओं की सहूलियत के लिए जो कानून बनाया था अब वहीं उनके खिलाफ चला गया है। कानून में बदलाव करते हुए सरकार ने महिलाओं की पेड मैटरनिटी लीव महीने से बढ़ाकर 6 महीने कर दी। एक नए सर्वे के मुताबिक महिलाओं को इस नियम से फायदा कम नुकसान ज्यादा हो रहा है।

मैटरनिटी लीव

इस कानून की बदौलत महिलाओं को वर्कफोर्स में बनाए रखने के लिए कनाडा और नॉर्वे जैसे प्रगतिशील देश के बाद भारत का नंबर आता है। टीमलीज सर्विसेज के मुताबिक, भारत में इस कानून की वजह से स्टार्टअप्स और छोटे बिजनेस में महिलाओं की जगह नहीं मिल पा रही है। सर्वे के मुताबिक, इस कानून की वजह से फाइनेंशियल ईयर मार्च 2019 तक 10 सेक्टर्स में 11 लाख से 18 लाख महिलाओं की नौकरी जा सकती है।

कैसे दूर होगी यह मुश्किल

भारत जैसे देश के लिए यह आंकड़ा काफी निराशाजनक है। यहां पहले ही वर्कफोर्स में महिलाओं की हिस्सेदारी सिर्फ 24 फीसदी है। अब इस कानून की वजह से यह संख्या और घट सकती है। मैकिंजी के मुताबिक, ज्यादा से ज्यादा महिलाओं के वर्कफोर्स में शामिल होने से 2025 तक देश के जीडीपी में 700 अरब डॉलर जुड़ सकता है। यह सर्वे एविएशन, इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी और आईटी सर्विेसेज की 300 कर्मचारियों पर हुआ है।

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