तो बर्खास्त हो सकते हैं अमिताभ ठाकुर

AMITABH THAKUR

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आईपीएस अमिताभ ठाकुर को 13 जुलाई 2015 को निलंबित किये जाने के आदेश को 180 दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया है। सिविल सर्विस बोर्ड ने अमिताभ ठाकुर मामले की समीक्षा की और यह पाया कि उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही चल रही है। सतर्कता जांच में अत्यंत गम्भीर प्रकृति के आरोप हैं। यह कारण उनको निलंबित रखने के लिए पर्याप्त हैं। बोर्ड ने अमिताभ ठाकुर को सेवा से बर्खास्त किए जाने की भी आशंका जाहिर की है।

सिविल सर्विस बोर्ड ने की है समीक्षा

10 दिसंबर 2015 के प्रमुख सचिव गृह देबाशीष पांडा ने अपने आदेश में कहा कि अमिताभ के निलंबन के सम्बन्ध में सिविल सर्विस बोर्ड ने समीक्षा की और यह पाया कि उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही और सतर्कता जांच में अत्यंत गंभीर प्रकृति के आरोप हैं जो उन्हें निलंबित रखने को पर्याप्त हैं। इनके आधार पर उन्हें सेवा से बर्खास्त किये जाने की प्रबल सम्भावना है। अत: राज्य सरकार द्वारा बोर्ड की संस्तुति के आधार पर निलंबन अवधि 10 अक्टूबर 2015 से 180 दिन आगे बढ़ाई जाती है।

निलंबन बढ़ा कर 180 दिन का किया

गौरतलब है कि अमिताभ ने निलंबन के 150 दिन हो जाने के बाद उन्हें तत्काल बहाल करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका की गई है जिसमे कल ही कोर्ट ने अमिताभ को गृह मंत्रालय भारत सरकार को अपना प्रत्यावेदन देने और गृह मंत्रालय को तीन सप्ताह में निर्णय लेने के आदेश दिए थे। अमिताभ को यह आदेश कल रिसीव कराया गया जिसे उनकी पत्नी अधिवक्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने यह कहते हुए पूरी तरह अवैध बताया है कि निलंबन बढ़ाने की कार्यवाही 90 दिनों में कर ली जानी चाहिए थी और अब इसे पिछली तारीख से लागू नहीं किया जा सकता है।

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