संजीत यादव हत्याकांड के मामले में मायावती ने जताया दुख, तुरंत सरकार से एक्शन की मांग

लखनऊ:कानपुर में संजीत यादव अपहरण और हत्याकांड मामले में योगी सरकार पर सियासी हमले तेज हो गए हैं. मामले में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी द्वारा सरकार पर हमला बोलने के बाद अब बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भी सरकार से तुरंत एक्शन लेने की मांग की है.मायावती ने ट्वीट किया है.यूपी में जारी जंगलराज के दौरान एक और घटना में कानपुर में अपहरणकर्ताओं द्वारा श्री संजीत यादव की हत्या करके शव को नदी में फेंक दिया गया जो अति-दुःखद व निन्दनीय. प्रदेश सरकार खासकर अपराध-नियंत्रण व कानून-व्यव्स्था के मामले में तुरन्त हरकत में आए, बीएसपी की यह मांग है.

यूपी में कानून व्यवस्था दम तोड़ चुकी है: प्रियंका

इससे पहले मामले में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने लिखा कि यूपी में कानून व्यवस्था दम तोड़ चुकी है. आम लोगों की जान लेकर अब इसकी मुनादी की जा रही है. घर हो, सड़क हो, ऑफिस हो कोई भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करता. विक्रम जोशी के बाद अब कानपुर में अपहृत संजीत यादव की हत्या. पुलिस ने किडनैपर्स को पैसे भी दिलवाए और उनकी हत्या कर दी गई. एक नया गुंडाराज आया है.

सीएम योगी ने की सख्त कार्रवाई, आईपीएस सहित 4 निलंबित

उधर कानपुर की घटन को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी नाराजगी जाहिर की है और मामले में एक आईपीएस, एक डीएसपी सहित चार अफसरों को निलंबित कर दिया है. सीएम के निर्देश के बाद शासन से मिली जानकारी के अनुसार जनहित में अपर पुलिस अधीक्षक, दक्षिणी कानपुर नगर, आईपीएस अपर्णा गुप्ता और मनोज गुप्ता तत्कालीन सीओ को निलंबित कर दिया गया है. इसके अलावा लापरवाही बरतने के आरोप में पूर्व प्रभारी निरीक्षक थाना बर्रा रणजीत राय और चौकी इंचार्ज राजेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है.

फिरौती की रकम दी गई या नहीं? जांच करेंगे एडीजी

यही नहीं अपहरण की घटना में फिरौती के लिए पैसे दिए गए या नहीं? इस संबंध में एडीजी, पुलिस हेडक्वार्टर्स लखनऊ बीपी जोगदंड को तत्काल कानपुर पहुंचकर जांच के लिए निर्देश दिया गया है.बता दें कानपुर के बर्रा से अपहृत लैब टेक्नीशियन संजीत यादव के अपहरण मामले में गुरुवार देर रात बुरी खबर आई. पुलिस के अनुसार युवक की हत्या की जा चुकी है. पुलिस अभी भी युवक की लाश की बरामदगी नहीं कर सकी है, तलाश जारी है. उधर युवक की मौत की सूचना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. पुलिस ने मामले में 5 लोगों को हिरासत में लिया है. बता दें एक महीने से अपहरण के इस मामले में कानपुर पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है. इस किडनैपिंग केस में पुलिस पर आरोप भी लगे हैं कि उसने अपहृत युवक के परिजनों से अपहरणकर्ताओं को 30 लाख रुपए भी दिलवा दिए.

26 या 27 जून को ही हत्या: एसएसपी

एसएसपी दिनेश कुमार ने बताया कि बर्रा थाना पर 23 जून को शिकायत दर्ज हुई थी, जिसे 26 को एफआईआर दर्ज की गई थी. 29 जून को फिरौती का कॉल आया. इसे लेकर क्राइम ब्रांच और सर्विलांस सेल की टीम गठित की गई. इस टीम ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है. इसमें उसके कुछ दोस्त और संजीत के साथ अन्य पैथोलॉजी में काम कर चुके लोग शामिल हैं. इनके द्वारा कबूला गया है कि संजीत की इन्होंने 26 या 27 जून को ही हत्या कर दी थी और पांडु नदी में शव को बहा दिया. अलग-अलग टीम गठित करके शव की तलाश की जा रही है. वहीं मोबाइल और मोटरसाइिकल की बरामदगी के लिए भी जानकारी की जा रही है.

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