उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव में मायावती को बड़ा झटका

लखनऊ: नवंबर महीने में उत्तर प्रदेश में होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले ही बसपा के कुछ प्रत्याशियों के बगावत से बहुजन समाज पार्टी को बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है। गौरतलब है कि राज्यसभा सदस्य होने के लिए बहुजन समाज पार्टी के इकलौते प्रत्याशी राम जी गौतम के लिए जिन दस विधायकों ने प्रस्ताव रखा था। उनमें से पांच विधायकों ने अपना प्रस्ताव वापस ले लिया है। इससे बहुजन समाज पार्टी का राज्यसभा पहुंचने का रास्ता और भी मुश्किल होता नजर आ रहा है।

बहुजन समाज पार्टी से केवल एक ही उम्मीदवार को राज्यसभा के लिए प्रस्तावित किया गया है। जिन पांच विधायकों ने अपना प्रस्ताव वापस लिया है उनमें से एक विधायक असलम का कहना है कि राम जी गौतम के नामांकन के लिए जो प्रस्ताव भेजा गया उसमें उन्हें हस्ताक्षर के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। बिना उनकी जानकारी के ही हस्ताक्षर किये गए।

वहीं दूसरी तरफ बसपा नेता उमाशंकर सिंह ने विधायकों के बगावत पर बात करते हुए कहा कि जिन विधायकों ने अपना प्रस्ताव वापस लिया उनकी मंजूरी के साथ ही राम जी गौतम का नाम भेजा गया था। इन लोगों ने जो किया है वो गलत है। यह सब कुछ एक साजिश के तहत किया गया है ताकि कोई भी दलित राज्यसभा ना पहुंच सके।

बसपा के असलम चौधरी, असलम राईनी, हाकम लाल बिंद, मुज्तबा सिद्दिकी, गोविंद जाटव वो पांच विधायक हैं जिन्होंने पार्टी से बगावत की है। यह विधायक पहले भी समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से मिल चुके हैं और नामांकन वापस लेने के बाद भी ये अखिलेश यादव से मिलने गए। इनमें से असलम चौधरी की पत्नी ने कल समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है।

यूपी में दस सीटों पर राज्यसभा चुनाव होने हैँ, जिसमें कुल दस प्रत्याशी चुनाव लडेंगे। उत्तर प्रदेश में नौ नवंबर को राज्यसभा चुनाव होना है जबकि 11 नवंबर को नतीजे घोषित किये जाएंगे।

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