इटावा के कई पार्टी नेताओं के सपा में जाने से मायावती परेशान

दीपावली के दिन बहुजन समाज पार्टी के कई नेताओं के समाजवादी में शामिल होने से पार्टी प्रमुख मायावती की परेशानी बढ़ गई है ।

इटावा: दीपावली के दिन बहुजन समाज पार्टी के कई नेताओं के समाजवादी में शामिल होने से पार्टी प्रमुख मायावती की परेशानी बढ़ गई है । अपने गृह जिले इटावा में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दीपावली के दिन बड़ी तादाद में बहुजन समाज पार्टी से जुड़े कई प्रमुख और महत्वपूर्ण नेताओं को सपा सदस्यता ग्रहण करा दी थी।

सदस्यता ग्रहण के बाद बसपा हाईकमान सदमे में आ गया। बसपा हाईकमान की ओर से पार्टी से अलग हुए नेताओं के बारे में अलग होने का कारण जानना और परखना शुरू कर दिया गया। बहुजन समाज पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष लाखन सिंह जाटव, बसपा के पूर्व जिला अध्यक्ष राघवेंद्र गौतम, पूर्व जिला अध्यक्ष जितेंद्र दोहरे, बसपा के पूर्व भाईचारा कमेटी के संयोजक वीरू भदौरिया समेत दर्जनों की तादाद में बसापाइयो ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली।

इससे पहले भी बसपा के नेता पूर्व विधान परिषद सदस्य महेश चंद्र आर्या,इटावा लोकसभा के पूर्व बसपा प्रत्याशी अजय पाल सिंह जाटव समेत कई लोग सदस्यता ग्रहण कर चुके है। पार्टी छोड़ने वाले नेताओं ने कहा कि समाजवादी पार्टी के सहयोग से विधान परिषद के सदस्य बने भीमराव अंबेडकर की नीतियों से खफा हो उन्होंने पार्टी से अलग होने का निर्णय लिया है ।

बसपा के पूर्व जिला अध्यक्ष जितेंद्र दोहरे बताते हैं कि बसपा के विधान परिषद सदस्य भीमराव अंबेडकर बसपा संगठन में मनमानी चलाने में लगे हुए हैं और वह पार्टी संगठन के किसी भी कार्यकर्ता और नेता को तवज्जो और तरजीह नहीं दे रहे हैं जिसकी वजह से पार्टी के लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।

इससे पहले भी बसपा के पूर्व जिला अध्यक्ष गोविंद जी गोयल और बसपा के कानपुर मंडल के संयोजक राजकुमार गौतम को भी पार्टी से केवल इस वजह से बाहर कर दिया गया था क्योंकि इनके बारे में यह फीड बैक मिला था कि इन लोगों की कनेक्टिविटी आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर से हुई है। इस बारे में बसपा के विधान परिषद सदस्य भीमराव अंबेडकर की ही रिपोर्ट बेहद प्रमुख रही थी ।

बसपा हाईकमान ने इटावा के बसपा प्रमुख जगत नारायण सिंह को पद से हटा कर कइयों दफा जिला अध्यक्ष रह चुके बी पी सिंह को एक बार फिर से बसपा का नया जिला प्रमुख बना दिया गया है ।

कभी भीमराव अंबेडकर के बेहद करीबी रहे वी.पी.सिंह के रिश्ते अब उनसे मधुर नही रहे है । इसी वजह से इसी साल जून माह में वी.पी.सिंह को जिला अध्यक्ष पद से हटवा करके भीमराव अंबेडकर ने जगत नारायण को जिला अध्यक्ष बनवा दिया था लेकिन अब जैसे ही दीपावली पर अखिलेश बम फूटा तो बसपा हाईकमान ने भीमराव अंबेडकर के बनवाए हुए जिलाध्यक्ष जगत नारायण को चलता कर दिया ।

नवनियुक्त बसपा प्रमुख वी.पी.सिंह का कहना है कि उनका मकसद संगठन को मजबूत करना है । वो इससे पहले भी बसपा प्रमुख रहे है उनके पास संगठन का बडा अनुभव है । वो सभी बसपाईयो को एकजुट करने मे कोई कोर कसर नही छोडेगे ।

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