‘मास्टर चाबी’ के जरिये बाबा साहेब के मिशन को जारी रखेंगी मायावती

डॉ. भीमराव आंबेडकर की पुण्यतिथि पर मायावती ने बोला, सत्ता की मास्टर चाबी के जरिये बाबा साहब के मिशन को जारी रखेंगी

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने कहा कि सत्ता की ‘मास्टर चाबी’ के जरिये उनकी पार्टी दलित, पिछड़ों के उत्थान के लिए भारत रत्न बाबा साहब अम्बेडकर के मिशन को जारी रखेंगी। डॉ. आंबेडकर की पुण्यतिथि की मौके पर मायावती ने कहा ‘बाबा साहेब के सपनों का मानवतावादी भारत बनाने के सपना को साकार करने वाले लोग ही इस देश के शासक वर्ग बनेंगें’।

मायावती का संकल्प

नई दिल्ली में अपने निवास पर बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर बसपा प्रमुख मायावती ने दलित, शोषित और पिछड़े वर्ग के आत्म-सम्मान और स्वाभिमान के कारवां को कभी न रूकने देने का संकल्प को दोहराया और कहा कि इसके लिए आगे भी संघर्ष जारी रहेगा, चाहे इसके लिये कोई भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े।

अति-मानवतावादी संविधान

मायावती ने कहा कि देश में समतामूलक शासन और सामाजिक व्यवस्था स्थापित करके सही लोकतंत्र यहां स्थापित करने के महान उद्देश्य को लेकर बाबा साहेब जीवन भर कड़ा परिश्रम व हर प्रकार का संघर्ष करते रहे और इस दौरान उन्हें जो अनेकों उतार-चढ़ाव, दुःख-तकलीफ व उपेक्षा-तिरस्कार आदि झेलनी पड़ी वह किसी से भी छिपा हुआ नहीं है, और अन्ततः वे देश को एक अनुपम व अति-मानवतावादी संविधान देकर अमर हो गए।

सम्मान में ऐतिहासिक काम

बसपा अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान में भी हर कठिन समय में हर फोरम पर बाबा साहेब के संविधान की ही दुहाई दी जाती है। ऐसा महान सम्मान व स्वीकृति केवल बाबा साहेब को प्राप्त है, ऐसा कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। मायावती ने कहा कि अब तक उत्तर प्रदेश में चार बार बनी बसपा सरकार में डॉ. अम्बेडकर की स्मृति को चिर परिचित व चिरस्थायी बनाने के लिए तथा उनके आदर-सम्मान में ऐतिहासिक काम व जनहित व जनकल्याण की अनेकों महत्वपूर्ण योजनायें और कार्यक्रम भी संचालित किये गये, जिसका आज पूरा उत्तर प्रदेश गवाह है।

आंबेडकर पीठ की स्थापना

मायावती ने कहा कि बसपा सरकार ने आगरा विश्वविद्यालय का नामकरण बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर किया गया। इसी विश्वविद्यालय में बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर के नाम पर अम्बेडकर पीठ की भी स्थापना की गयी। डॉ. अम्बेडकर के नाम पर अनुसूचित जाति/जनजाति कोचिंग सेन्टर की स्थापना अलीगढ़ और आगरा में की गयी। फै़ज़ाबाद मण्डल के अन्तर्गत अम्बेडकरनगर के नाम से नये ज़िले का गठन किया गया। वाराणसी में बाबा साहेब के नाम पर स्टेडियम का नामकरण तथा रामपुर में संग्रहालय व पुस्तकालय की स्थापना की गयी।

कानपुर में डॉ.आंबेडकर इन्स्टीट्यूट

इसके अलावा, बांदा में बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर मेडिकल कालेज, नोएडा तथा गे्रटर नोएडा में डा. भीमराव अम्बेडकर मल्टी सुपर स्पेशियल्टी अस्पताल आदि स्थापित कराये गये। कानपुर में डॉ. अम्बेडकर इन्स्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलॉजी फार हैण्डीकैप्ड तथा आजमगढ़ में डॉ. अम्बेडकर भवन का निर्माण कराया गया। मैनपुरी तथा कन्नौज में डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजकीय महाविद्यालय की स्थापना की गयी। इसी प्रकार, लखनऊ में डॉ. भीमराव अम्बेडकर अन्तर्राष्ट्रीय खेल स्टेडियम तथा गे्रटर नोएडा में 500 सीटों वाले डॉ. अम्बेडकर अनुसूचित जाति/जनजाति छात्रावास का निर्माण कराया गया। आगरा एवं गौतम बुद्ध नगर में डॉ. अम्बेडकर पार्क स्थापित किया गया।

लखनऊ में अम्बेडकर पीठ की स्थापना

लखनऊ में डॉ. अम्बेडकर पर्यावरण म्यूज़ियम तथा डॉ. अम्बेडकर पर्यावरण परिसर का निर्माण कराया गया। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ में अम्बेडकर पीठ की स्थापना तथा प्रशासनिक भवन संकुल का निर्माण कराया गया है। बाबा साहेब की स्मृति में बीएसपी सरकार द्वारा लखनऊ में गोमती नदी के तट पर विश्व-स्तरीय ‘‘डा. भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल‘‘ स्थापित किया गया है। मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी ने डॉ. अम्बेडकर के साथ-साथ, देश में तिरस्कृत रखे गये दलित एवं अन्य पिछड़े वर्गों में जन्में अनेकों और महान सन्तों, गुरुओं व महापुरुषों को भी पूरा-पूरा आदर-सम्मान दिया जिसे विरोधी लोग आसानी से पचा नहीं पा रहे हैं।

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