मिलिए एक दिन की DCP लड़की से ! नायक फिल्म को सच में किया सार्थक …

खैर ये सबके साथ नहीं होता. कुछ एकदम होशियार बच्चे भी होते हैं. जिनके नाम रिजल्ट के अगले दिन अखबार वगैरह में आते हैं. ये जो खबर आयी है. ये वैसी ही होशियार बच्ची की है. आइये समझते हैं पूरा मामला.

 

नायक पिक्चर देखी है:

अनिल कपूर की नायक तो देखी ही होगी. हर तीसरे दिन तो आती है टीवी पर. कीचड़ में सने अनिल कपूर को एक्शन करते देख मज़ा ही आ जाता है.

उसमें सीन है की अनिल कपूर एक दिन के मुख्यमंत्री बनते हैं. ऐसा ही कुछ हुआ है कोलकाता में. मुख्यमंत्री तो नहीं लेकिन एक 12वीं की बच्ची एक दिन की डी.सी.पी ज़रूर बनी है.

पूरा मामला समझिए:

ऋचा सिंह जो की कोलकाता की हैं. जीडी बिरला सेंटर फॉर एजुकेशन स्कूल से पढ़ी हैं. ISC बोर्ड की 12वी में 99.25% लायी  हैं.

नेशनल लेवल पर चौथा और सिटी में पहला स्थान पाया है. लेकिन बाकी बच्चों की तरह इनाम में बाइक, कार, महंगा फोन नहीं मिला.

ऋचा को मिला एक दिन की डी.सी.पी का पद. शहर का नाम रोशन करने पर कोलकाता पुलिस ने दिया ये इनाम.  8 मई को सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक ऋचा ने  डी.सी.पी  का पद संभाला.

 

पिताजी भी पुलिस में हैं:

ऋचा के पिता राजेश सिंह गड़ियाहाट थाने में पुलिस अफसर हैं. जब बाकी अफसरों ने ऋचा को बोला की पापा के लिए कोई आर्डर है? ऋचा बोलीं वो चाहती हैं की उनके पापा जल्दी घर आ जाएं.

 

फ्यूचर प्लान रेडी है:

ऋचा आगे हिस्ट्री और सोशलॉजी पढ़ना चाहती है. वो एक बार UPSC का एग्जाम भी देना चाहती है. ऋचा के पिता ने कहा आज उनकी बेटी उनकी सीनियर है. उसका आर्डर है घर जल्दी जाना है तो में उसका पालन करूँगा.

 

ऋचा से सीखो:

मेहनत से पढ़ाई कर के ऋचा ने आज ये इनाम पाया है. इनाम की चाहत हो तो मुश्किल रास्तों से गुज़रना ही पड़ता है. मुश्किलें इम्तेहान लेती हैं. लेकिन बिना रुके और पूरे हौसले के साथ अगर आप आगे बढ़ते रहे तो मंज़िलें आपको मिलेंगी ही. ऋचा की कहानी हमें यही सिखाती है. और कौन जाने मंज़िल पर पहुंचते-पहुंचते आपको भी एक दिन के लिए डीसीपी बनने का मौक़ा मिल जाए. खैर इनकी कहानी लिखने का  मौका मिला इससे ही खुश हूं.

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