मीडिया से रूबरु होते ही महबूबा मुफ्ती ने फिर छेड़ा धारा-370 का राग

नई दिल्ली:  जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री रह चुकी और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि जब तक जम्मू-कश्मीर को उसका झंडा वापस नहीं मिल जाता वो कोई भी चुनाव नहीं लड़ेंगी।

अपनी बात में उन्होंने धारा-370 के बारे में खुल कर बोलते हुए कहा कि धारा-370 को वो जम्मू-कश्मीर में फिर से लागू करवा कर रहेंगी। महबूबा मुफ्ती ने भारतीय झंडे के बारे विवादित टिप्पणी देते हुए कहा कि वो भारत का झंडा तभी थामेंगी जब कश्मीर को उसका झंडा वापस मिलेगा।

महबूबा मुफ्ती ने यह बात शुक्रवार को श्रीनगर में हुई प्रेस कांफ्रेंस में कही। मोदी सरकार की तरफ इशारा करते हुए महबूबा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के झंडे को कुछ डाकुओं ने अपने कब्जे में ले लिया है और उसे छुड़ाने के बाद ही वो भारत का झंडा अपने हाथ में उठाएंगी। जम्मू-कश्मीर के झंडे की वजह से ही कश्मीर भारत के झंडे से जुड़ा है ऐसा महबूबा मुफ्ती ने अपने बयान में कहा।

बिहार वोट बैंक पर भी मोदी पर निशाना साधते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जनता से कहने के लिए उनके पास कोई बात नही रह जाती तो वो धारा-370 का सहारा लेने लगते हैं। इस वक्त भारत आर्थिक परिस्थिती में बांग्लादेश से भी पीछे हो गया है पर प्रधानमंत्री के पास इस पर बोलने के लिए कुछ भी नहीं है।

जम्मू-कश्मीर में धारा-370 हटने के बाद से लम्बे समय से मीडिया से दूर रहीं महबूबा मुफ्ती ने प्रेस कांफ्रेंस में बाबरी- मस्जिद, लद्दाख जमीन पर चीन के अवैध कब्जे जैसे कई मुद्दों पर मीडिया से बात की।

उनके विवादित टिप्पणी के बाद सुप्रीम कोर्ट के वकील विनीत जिंदल ने नेशनल ऑनर एक्ट और आईपीसी की धारा 121, 151, 153A, 295, 298, 504, 505 के तहत उन पर मुकदमा दर्ज करने की मांग कर दी है। महबूबा मुफ्ती के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी गई है और वहां के पुलिस कमीश्नर से केस दर्ज करने की मांग की जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट के वकील विनीत जिंदल का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री इस तरह की बयानबाजी कर के लोगों को सरकार के खिलाफ भड़का रहीं है। उनके मुताबिक इस तरह राष्ट्र ध्वज का अपमान देश का अपमान है और उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाई होनी जरूरी है।

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