हैप्पीनेस पाठ्यक्रम को अन्तराष्ट्रीय स्तर तक पहुचाने को मेलानिया दे गई पंख

नई दिल्ली:अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने ‘हैप्पीनेस पाठ्यक्रम’ को अन्तराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए उत्साहित किया है। इस हैप्पीनेस पाठ्यक्रम को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले गोरखपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय चिलबिलवां में शिक्षक (अब प्रति नियुक्ति पर दिल्ली में तैनाती)श्रवण कुमार को ढेर सारी बधाइयाँ मिल रही है।

इस पाठ्यक्रम पर श्रवण कुमार का कहना है कि पाठ्यक्रम तैयार करने में 20 लोगों की टीम ने कड़ी मेहनत की है। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली तो सब उत्साहित हैं। जब अमेरिका की फर्स्ट लेडी स्कूल आईं तो कोर टीम वहीं थी।

सबकी मौजूदगी में ही मेलानिया ने पाठ्यक्रम की सराहना की। मीडिया से बात करते हुए श्रवण कुमार ने कहा कि हैप्पीनेस पाठ्यक्रम बनाने की कवायद 2016 से शुरू की गई थी। दो वर्ष की कड़ी मेहनत के बाद इसे अंतिम रूप दिया गया।

शुरूआत में हमारे प्रयासों का उपहास के साथ लोग कहते कि इस पाठ्यक्रम का हश्र भी अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों जैसा होगा। कुछ दिन नाटक, गाना और म्यूजिक सुनाने का दौर चलेगा, फिर सब कुछ बंद हो जाएगा। लेकिन टीम को अपने प्रयासों पर भरोसा था। लेडी ट्रंप मेलानिया का ये दौरा टीम के सदस्यों के जुनून और हौसले को पंख दे गया है। अब इसे और बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।

विशेषज्ञ अग्रहार नागराज ने कहा था कि पाठ्यक्रम ऐसा तैयार किया जाए जो वैश्विक स्तर का हो। उनका साथ तो छूट गया, मगर खुशी है कि हम उस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इस पाठ्यक्रम का मकसद बच्चों को संस्कार देने के साथ ही भाषा, साक्षरता, गणना, कला और अनुभूति जैसे गुणों का विकास करना है।

श्रवण कुमार के मुताबिक यह पाठ्यक्रम देश के साथ ही विदेशो में भी पसंद किया जा रहा है। जिसमे नेपाल, यूनाइटेड अरब अमीरात और अफगानिस्तान पहले से ही इसका प्रस्ताव दे चुके है।पाठ्यक्रम को आंध्र प्रदेश के स्कूलों में तेलगू में लागू किया गया है।

अंग्रेजी में भी अनुवाद किया जा रहा है ताकि इसे इसके असली लक्ष्य तक पहुंचाया जा सके। वर्ष 2016 में इस पाठ्यक्रम को तैयार करने का सिलसिला शुरू हुआ। दो साल से दिल्ली के सरकारी स्कूलों के 12 लाख विद्यार्थी इसका लाभ ले रहे हैं।इसमें खेल-खेल में बच्चो को जागरूक और बुद्धिमान बनाने पर ध्यान दिया है जिससे बच्चे बिना दबाव के पढ़ाई कर सकें।

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