कर्नाटक: कांग्रेस-जेडीएस के खिलाफ हो सकते हैं उनके ही विधायक, फिर होगी बीजेपी की वापसी?

बेंगलुरु: बीते तीन दिनों में कर्नाटक की राजनीति में भारी फेरबदल देखने को मिला और तीन दिन में ही कांग्रेस-जेडीएस के सामने नवनिर्वाचित भाजपा सरकार ढेर हो गई। इसके बाद राज्यपाल ने जेडीएस नेता कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने का न्यौता भी दे दिया। कुमारस्वामी की नवनिर्वाचित सरकार का फार्मुला भी तय हो गया है लेकिन इसी बीच खबर मिल रही है कि कुमारस्वामी सरकार के लिए तैयार किया गया फार्मूला कई विधायकों को पसंद नहीं आ रहा है।

दरअसल, 23 मई को शपथ लेने के ऐलान के बाद कुमारस्वामी सरकार के मंत्रिमंडल के गठन की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। बताया जा रहा है कि सरकार के लिए तय फार्मूले में कांग्रेस के 20 और जेडीएस के 13 विधायकों को मंत्री पद देने की योजना बनाई गई है। हालांकि अभी एक निर्दलीय और दो अन्य विधायकों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।

ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि मंत्री पद को लेकर विधायकों में एक नई जंग की शुरुआत हो सकती है। अगर वाकई में ऐसा हुआ तो यह भाजपा को वापसी करने के एक मौके की तरह होगा। बताया जा रहा है कि ऐसी सूरत में भाजपा बगावत करने वाले विधायकों को अपने पक्ष में करने का जाल जरूर फेंकेगी। अगर ऐसा हुआ तो शायद येदियुरप्पा सरकार की तरह ही कुमार स्वामी सरकार ही बहुत जल्द धराशाई हो जाए।

आपको बता दें कि आपको बता दें कि 222 सीटों पर हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा 104 सीटों पर मिली जीत के साथ सूबे की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनकर उभरी । जबकि कांग्रेस के खाते 77 और जेडीएस के खाते में 37 सीटें गई है। दो सीटों पर अन्य का कब्ज़ा है।

चुनाव नतीजे सामने आने के बाद कांग्रेस ने जेडीएस को अपना समर्थन देने का ऐलान कर दिया था लेकिन सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते राज्यपाल ने भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था, जिसके बाद पार्टी में येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की थी। राज्यपाल ने येदियुरप्पा सरकार को बहुमत साबित करने के लिए 14 दिन का समय दिया था।

हालांकि राज्यपाल का यह रवैया कांग्रेस को नागवार गुजरा और उन्होंने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्यपाल के फैसले को दरकिनार कर दिया है और भाजपा सरकार को बहुमत साबित करने के लिए शनिवार शाम तक का समय दिया। हालांकि इस फ्लोर टेस्ट से पहले ही येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया।

Related Articles