‘बेवकूफी भरा संवाददाता सम्मेलन’ बुलाने को मजबूर हुए मोदी : कांग्रेस

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नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी की वित्त वर्ष 2011-12 के लिए कर पुर्नमूल्यांकन की मांग वाली आईटी नोटिस को चुनौती देनेवाली याचिका खारिज किए जाने के बाद, पार्टी ने कहा है कि भारत बंद के कारण नरेंद्र मोदी सरकार ‘सकते में’ है और ‘व्यक्तिगत प्रतिशोध के तहत कार्रवाई कर रही है।’ कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सोमवार को कहा, “ईंधन कीमतों के विरोध में बुलाए गए सफल भारत बंद के कारण सकते में आए, व्याकुल और भयभीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक ‘बेवकूफी भरा संवाददाता सम्मेलन’ बुलाने को मजबूर हुए, जिसमें उन्होंने बेवकूफी भरी और आधारहीन टिप्पणियां की।”

उन्होंने कहा, “भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता से मोदी ने प्रेस वार्ता करने को कहा, जिसमें वो आरोप लगाए गए, जिनके बारे में न तो उनकी समझ है और न ही उन्हें जानकारी है।”

सुरजेवाला ने कहा, “चार राज्यों और 2019 के आम चुनाव में आसन्न हार का सामना करते हुए, मोदी जी ने आयकर विभाग को निर्देश दिया है कि कांग्रेस नेतृतत्व के रिटर्न को आठ साल बाद दोबारा खोले।”

उन्होंने कहा, “तथ्य यह है कि इन आईटी रिटर्न्‍स की पहले ही जांच हो चुकी है और कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है। इस संबंध में नोटिस भी जारी किया गया था।”

पार्टी ने कहा कि उसे इस पर बेहद गर्व है कि उसने नेशनल हेराल्ड और नवजीवन को 90 करोड़ रुपये का कर्ज दिया था।

सुरजेवाला ने कहा, “भारत के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि मोदी जी द्वारा कार्पोरेट कानून को दोबारा लिखा गया है.. और नहीं चुकाया गया कर्ज कंपनी के शेयरधारकों के लाभ में बदला गया है।”

उन्होंने कहा, “मोदी जी ऐसी बात कर रहे थे, जैसे उन्हें फैसले की पहले से जानकारी हो। भाजपा का तर्क है कि भारत बंद इसलिए आयोजित किया गया कि इस मामले का फैसला आना था.. क्या मोदी जी जानते थे कि क्या फैसला आनेवाला है?”

उन्होंने कहा, “यह किस प्रकार की मूर्खता है? हम विनम्रता से मोदी जी से यह कहना चाहते कि अगर आप राहुल गांधी से लड़ना चाहते हैं, तो हम आपको उनसे राजनीतिक लड़ाई की चुनौती देते हैं। आईटी विभाग के माध्यम से प्रतिशोध की लड़ाई छुप के न लड़ें।”

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