ओटीटी प्लेटफार्मों की प्रगति के लिए मोदी सरकार लाई नए नियम, जानिए कैसे

नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने गुरुवार को कहा कि ओवर-द-टॉप प्लेटफार्मों (OTT Platforms) के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा निर्धारित नए दिशानिर्देशों किसी भी रूप के सेंसरशिप की बजाय सामग्री के स्व-वर्गीकरण पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

OTT प्लेटफार्मों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही ओटीटी प्लेटफार्म के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बातचीत की है और आत्म-नियमन की आवश्यकता पर बल दिया है। जावड़ेकर ने आगे कहा कि सिनेमा और टीवी उद्योगों के लिए पहले से ही नियम हैं, जबकि ओटीटी उद्योग के लिए कोई भी नियम मौजूद नहीं था।  ईसी के तहत सरकार ओटीटी प्लेटफार्म के एक प्रगतिशील संस्थागत विकास के साथ स्व-विनियमन पर बल दिया है।

जानकारी का खुलासा करना जरुरी

उद्योग के प्रतिनिधियों को नियमों के प्रावधानों के बारे में सूचित करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इससे उन्हें केवल जानकारी का खुलासा करने की आवश्यकता है, ना कि मंत्रालय के साथ किसी भी प्रकार के पंजीकरण की आवश्यकता है।

जावड़ेकर ने कहा कि इसके लिए एक फॉर्म जल्द ही तैयार हो जाएगा। इसके अलावा,ओटीटी प्लेटफार्मों (OTT Platforms) से एक प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र विकसित करने की उम्मीद है। इसके साथ ही अफवाहों को खारिज करते हुए, जावड़ेकर ने कहा कि स्व-विनियमन निकाय में, कोई भी सदस्य सरकार द्वारा नियुक्त नहीं किया जाएगा।

इसे भी पढ़े: अपने समकक्षी इस देश के नेता के साथ बैठक कर पीएम मोदी करेंगे इन मुद्दों पर चर्चा

सरकार की शक्ति पर बोलते हुए, जावड़ेकर ने कहा कि सरकार आत्म-नियामक स्तर पर अनसुलझे रहने वाली शिकायतों को देखने के लिए एक अंतर-विभागीय समिति बनाएगी। इस दौरान ऑल्ट बालाजी, हॉटस्टार, अमेजन प्राइम, नेटफ्लिक्स, Jio, Zee5, Viacom18, Shemaroo और MXPlayer सहित विभिन्न OTT प्लेटफार्मों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Related Articles