मोदी सरकार ने 26 जनवरी की परेड में नहीं शामिल की दिल्ली व बंगाल की झाकियां, जानिए क्या है वजह

0

नई दिल्ली। देश में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली में भव्य परेड का आयोजन किया जाता है। इस परेड में भारत के सभी महत्वपूर्ण राज्यों की आकर्षक झाकियों का प्रदर्शन किया जाता है। मगर इस बार 26 जनवरी की परेड में दिल्ली व पश्चिम बंगाल जैसे प्रमुख राज्यों की झांकियों को शामिल नहीं किया गया है।
मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी का दौर शुरु हो चुका है। मोदी सरकार पर ऐसा जानबूझकर करने के भी आरोप लगाए जा रहे हैं। इस बार की परेड में आसियान देशों के प्रमुख मौजूद रहेंगे।

आखिर क्यों नहीं मिली दिल्ली की झांकी को परेड में जगह

पिछली बार दिल्ली सरकार ने अपने ऐजुकेशन सिस्टम को ध्यान में रखते हुए गणतंत्र दिवस की परेड पर अपनी झांकी प्रस्तुत की थी। इस बार भी उन्होंने कुछ ऐसी ही झांकी दर्शाने की योजना बना रखी थी। दिल्ली सरकार में आर्ट, कल्चर विभाग में डिप्टी सेकेट्ररी सिंधु मिश्रा के मुताबिक, इस बार रक्षा मंत्रालय को झांकी का प्रपोज़ल भेजने में देरी हो गई। जिसके चलते उनकी झांकी परेड में शामिल नहीं हो पाएगी।

उन्होंने सभी अफवाहों को विराम लगाते हुए कहा कि इस बात में कोई सच्चाई नहीं है कि दिल्ली सरकार अपने एजुकेशन सिस्टम के मॉडल को परेड में शामिल करना चाहती थी।

वहीं दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने केजरीवाल सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि दिल्ली सरकार ने पिछली बार भी ऐजुकेशन सिस्टम को लेकर ही झांकी प्रस्तुत की थी। इस बार भी वहीं झांकी दोहराने की वजह है उनकी झांकी को परेड में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार अपने ऐजुकेशन सिस्टम को हाईलाइट करना चाहती है।

बंगाल की झांकी न शामिल होने पर मोदी सरकार पर बरसी ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की झांकी को परेड में जगह नहीं दिए जाने पर राजनीतिक बवाल शुरु हो चुका है। राज्य की सीएम ममता बनर्जी का कहना है कि बीजेपी धर्म के आधार पर लोगों को बांट रही है। परेड में एकता की थीम पर आधारित राज्य की झांकी शामिल नहीं करने को लेकर उन्होंने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सरकार पर धर्म के आधार पर राजनीति करने का आरोप लगाया है।

इस बारी की परेड में पहली बार आसियान देशों के कलाकार करेंगे रामायण का प्रदर्शन

इस बार की परेड में पहली बार आसियान देशों के कलाकार एक साथ मिलकर रामायण का मंचन करेंगे। इस झांकी में रामायण कई पात्रों को चित्रों के जरिये बताया जायेगा, इनमें सीता स्वयंवर, राम वनवास, अशोक वाटिका, समुद्र पर सेतु का निर्माण, राम-रावण युद्ध, श्रीराम के बाणों की टंकार और हनुमान द्वारा आकाश मार्ग से संजीवनी बूटी लाना आदि शामिल है। वहीं कई पात्रों का सजीव मंचन किया जायेगा इनमें राम, लक्ष्मण, सीता, रावण, हनुमान तथा जटायु इत्यादि शामिल हैं।

 परेड में निकलेंगी 23 झांकियां

इस बार की परेड के दौरान 14 राज्यों की 23 झांकियां निकलेंगी। जिसमें मध्य-प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, त्रिपुरा, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, असम, हिमाचल-प्रदेश, मणिपुर, गुजरात, लक्षद्वीप शामिल है।
इसके अलावा चार केंद्रीय मंत्रालयों की भी झांकियां भी प्रस्तुत होंगी। जिनमें ऑल इंडिया रेडियो, आईटीबीपी, आईसीएआर, सीपीडब्ल्यूडी व इनकम टैक्स विभाग मुख्य है। देश के अलग-अलग भागों से आए स्कूली बच्चों के पांच सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा वायुसेना के विमानों द्वारा फ्लाई-पास्ट किया जाएगा।

परेड में और भी बहुत कुछ होगा खास

परेड में पहली बार शामिल आकर्षणों में ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल, आकाश एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम, निर्भय मिसाइल, बीएसएफ का महिला मोटरसाइकिल दस्ता और आईटीबीपी की झांकियां मुख्य है।

इसके अलावा सशस्त्र सेनाओं, सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज, दिल्ली पुलिस, एनसीसी, एनएसएस के 16 मार्चिंग दस्ते भी राजपथ पर मार्च करते हुए नजर आएंगे। भीष्म टी-90 टैंक, बख्तरबंद गाड़ियां बीएमपी-2, बीएमपी-2के भी परेड के दौरान राजपथ पर अपनी युद्धक क्षमता का प्रदर्शन करेंगी।

16 मिलिट्री बैंड परेड के दौरान अपनी आकर्षक धुनें बजाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देंगे। मी-17, ध्रुव और रूद्र हेलिकॉप्टर परेड के फ्लाई पास्ट का हिस्सा बनेंगे। साथ ही दो परमवीर चक्र और दो अशोक चक्र विजेता भी परेड का हिस्सा बनेंगे।

loading...
शेयर करें