मोदी सरकार ने Health Ministry मनसुख मंडाविया को दी, जानें कौन हैं ये

नई दिल्ली: देश में कोरोना महामारी के बावजूद Health Ministry के जरिये स्वस्थ्य व्यवस्थाओं को चुस्त दुरुस्त करने की डॉ. हर्षवर्धन ने पूरी कोशिश की। आनन्-फानन में सम्पूर्ण देश में वैक्सीनों के प्रबंधन से लेकर व्यवस्थाओं को ठीक करने के लिए उन्‍होंने दिन रात मेहनत की। हालांकि इतने संकटों के सामना करने के बाद भी वे अपने आलोचकों की टिप्पड़ियों का शिकार होते रहे। जबकि वे हमेशा स्वास्थ्य मंत्रालय पर लगने वाले आरोपों और सरकार पर बनने वाले दबावों से बचाव करते दिखे हैं। इसके बावजूद डाक्‍टर हर्षवर्धन से Health Ministry की जिम्‍मेदारी लेकर मनसुख मंडाविया को ये जिम्‍मेदारी दी गई है।

ऐसा उस समय हुआ है जब देश कोरोना की तीसरी लहर और डेल्टा वैरिएंट को लेकर सजग है। बता दें अब Health Minister मनसुख मंडाविया की जिम्मेदारी मोदी सरकार की छवि को ठीक करने के साथ ही देश को तीसरी लहर की आशंकाओं से बचाने की भी हैं। वहीँ मनसुख मंडाविया को केमिकल और फर्टिलाइजर मंत्रालय की भी जिम्मेदारी दी गई है।

कौन हैं मनसुख मंडाविया ?

मनसुख मंडाविया गुजरात से राज्यसभा के सांसद हैं। उन्होंने अपने कॉलेज और पढ़ाई के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में राज्य कार्यकारी समिति के रूप में काम संभाला। 2002 में वे गुजरात के पलिताना विधानसभा क्षेत्र से पहली दफे MLA बने। गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र के BJP नेता मनसुख मंडाविया 2016 से केंद्र की मोदी सरकार में एक महत्वपूर्ण युवा चेहरा रहे हैं। मोदी मंत्रिमंडल में उन्हें जुलाई 2016 में सड़क परिवहन और राजमार्ग, जहाजरानी और रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री के रूप में शामिल किया गया था। वहीँ इसके बाद 30 मई, 2019 को मोदी सरकार 2.0 में उन्हें फिर से रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री के रूप में बंदरगाहों, नौवहन और जलमार्ग के स्वतंत्र प्रभार के साथ शपथ दिलाई गई।

भावनगर यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएट, मंडाविया को लंबे पैर मार्चों के आयोजन के लिए भी जाना जाता है, जिसमें उन्होंने लड़कियों की शिक्षा और नशे के खतरों के बारे में अवेयरनेस लिए एक MLA के रूप में दो पैदल मार्च किये किये। उनके संगठनात्मक कौशल को ध्यान में रखते हुए, उन्हें 2013 में प्रदेश BJP का सबसे कम उम्र का सचिव और 2014 में महासचिव बनाया गया था।

किसान परिवार से हैं मंत्री मनसुख मंडाविया

मनसुख मंडाविया का जनम वर्ष 1972 है। भावनगर जिले के हनोल गाँव में एक किसान परिवार में उनका जन्म हुआ था। वे पहली बार 2012 में फिर 2018 में राज्यसभा के लिए चुने गए। पहली बार 2002 में मंडाविया सबसे कम उम्र के MLA चुनकर सदन में पहुंचे। इससे पहले, उन्होंने गुजरात एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन के रूप में कार्य किया था। उन्होंने भाजपा की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा में शामिल होने से पहले, RSS की छात्र शाखा, ABVP के सदस्य के रूप में अपना राजनीतिक सफर शुरू किया।

स्‍वास्‍थ क्षेत्र में मं‍डाविया ने किए हैं ये काम

2012 में राज्यसभा पहुंचे मनसुख मं‍डाविया को साल 2014 सत्ता महापरिवर्तन के दौर में  भारतीय जनता पार्टी का मेगा सदस्यता कैंपेन का प्रभारी बनाया गया। इस दौरान पार्टी में 1 करोड़ लोग शामिल हुए। यही नहीं अगले वर्ष 2015 में उन्होंने United Nations में भारत  का प्रतिनिधित्व किया।  इस दौरान उन्होंने  ‘2030 Agenda for Sustainable Development’ पर शानदार स्पीच दी। केंद्रीय मंत्री के रूप में, उन्हें सस्ती दरों पर 850 से अधिक दवाएं उपलब्ध कराने और हार्ट स्टेंट और घुटने के प्रत्यारोपण की लागत को कम करने के लिए 5,100 से अधिक जन औषधि स्टोर स्थापित करने का श्रेय दिया जाता है। उन्हें यूनिसेफ द्वारा महिलाओं के मासिक धर्म स्वच्छता में योगदान के लिए जन औषधि केंद्रों की श्रृंखला का उपयोग करके ऑक्सो-बायोडिग्रेडेबल तकनीक से बने 10 करोड़ सैनिटरी पैड को मामूली कीमत पर बेचने के लिए सम्मानित किया गया था।

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