MODI MURDER PLAN: चिट्ठी में लिखी इन बातों ने देशभर में मचा दिया हड़कंप, पड़ने लगे एक के बाद एक छापे

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नई दिल्ली: पीएम मोदी को मारने की योजना बनाने वाले वामपंथी कार्यकर्ताओं के घरों में जब छापेमारी की गई तो चौंकाने वाली सूचनाएं मिली। पीएम मोदी के अलावा बीजेपी के दो बड़े नेताओं को मारना चाहते थे। इसका खुलासा पुलिस ने पत्रों के मदद से की है।

वामपंथियों के घर से मिले लेटर में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि पीएम मोदी ही नहीं बल्कि बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह और गृहमंत्री की भी हत्या करने की योजना थी। बड़े कार्यक्रमों के दौरान घटना को अंजाम देने की बात भी कही जा रही है।

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक साल 2016 के ख़त से मालूम होता है कि मोदी, शाह और राजनाथ सिंह की हत्या के बारे में नक्सलियों के बीच बाततीच हुई थी। वहीं 2017 इस योजना का खुलासा हो पाया है।

बता दें कि महाराष्ट्र पुलिस ने कई राज्यों में वामपंथी कार्यकर्ताओं के घरों में ताबतोड़ छापेमारी की और माओवादियों के साथ संपर्क रखने के संदेह में पांच लोगों को अरेस्ट भी कर लिया।

पुलिस ने दिल्ली में दलित एक्टिविस्ट गौतम नौलखा, फरीदाबाद में सामाजिक कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज, हैदराबाद से दलित चिंतक वरवरा राव, ठाणे से एडवोकेट अरुण परेरा और मुंबई से वर्णन गोंसाल्विस को अरेस्ट किया। इसके बाद मंगलवार को पुणे पुलिस रांची में एक्टिविस्ट स्टेन स्वामी के भी ठिकानों पर छापेमारी की इस छापेमारी में बहुत ही अहम दस्तावेज़ मिले हैं । भीमा कोरेगांव हिंसा के मामले में जिन लोगों को अरेस्ट किया गया है उनके नक्सलियों से जुड़े होने का शक है।

ठाणे से अरेस्ट अरुण परेरा का नाम इसलिए आया क्योंकि जून में गिरफ़्तार किए गए आरोपियों के पास से नक्सलियों का एक ईमेल मिला था जिसमें अरुण परेरा का ज़िक्र था।

दिल्ली से गिरफ्तार गौतम नवलखा को पहले गिरफ़्तार किए गए वकील सुरेंद्र गडलिंग ने एक चिट्ठी लिखी थी। ये चिट्ठी भीमा कोरेगांव हिंसा से ठीक पहले लिखी गयी थी। इसमें गौतम नवलखा को एल्गार परिषद की बैठक में हाजिर रहने को कहा गया था।

फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट ने गौतम नवलखा की ट्रांजिट रिमांड पर एक दिन की रोक लगाई है। हाईकोर्ट बुधवार को फिर नवलखा की याचिका पर सुनवाई करेगा। फरीदाबाद से अरेस्ट सुधा भारद्वाज पर अलग अलग संगठनों और धर्मों के बीच दुश्मनी फैलाने के लिए धारा 153A लगाई गई है। इसके साथ हिंसक बयान देने के लिए आईपीसी की धारा 505, 117 औओर 120 भी लगाई गई ।

हैदराबाद से अरेस्ट हुए वरवरा राव, इस मामले में पहले ही गिरफ़्तार हो चुके कबीर कला मंच के सुधीर धावले के करीबी हैं और पुलिस के की मानें तो वरवरा राव युवाओं को रिक्रूट करता था। वरवरा राव का नेटवर्क दस राज्यों में फैला है और नक्सली उसे आदर्श भी मानते हैं।

सरकार ने दावा किया है कि ये कार्रवाई पुख्ता सबूतों के साथ की गई है लेकिन मामला सिर्फ़ भीमा कोरेगांव हिंसा तक सीमित नहीं है। इसके तार पीएम मोदी की हत्या की साजिश तक जुड़े हैं। इस पांच राज्यों में रेड और गिरफ्तारियां जरुरी हैं। इसका खुलासा तब हुआ था जब जून 2018 में भीमा कोरेगांव की हिंसा की जांच के दौरान दिल्ली से अरेस्ट किए गए रोना विल्सन नाम के आदमी के लैपटॉप से पुलिस को एक चिट्ठी मिली।

क्या लिखा था चिठ्ठी में

इस में चिट्ठी लिखा था कि, ‘’मोदी 15 राज्यों में बीजेपी को स्थापित करने में सफल हुए हैं। ऐसा रहा तो सभी मोर्चों पर पार्टी के लिए बड़ी दिक्कत हो जाएगी। कॉमरेड किसन और कुछ अन्य सीनियर कैडर ने मोदी राज को ख़त्म करने के लिए मजबूत कदम सुझाए हैं। हम सभी राजीव गांधी जैसे हत्याकांड पर विचार कर रहे हैं। ये आत्मघाती लगता है और ये भी संभावना है कि हम असफल हो जाएं, लेकिन हमें लगता है कि उन्हें रोड शो में टारगेट करना अच्छी रणनीति हो सकती है।“

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