मोदी, जुकरबर्ग के साथ गुनाहों का देवता और मधुशाला की भी है यहां मांग

book fair 2 इलाहाबाद। प्रयाग नगरी को शिक्षा नगरी के नाम से भी जाना जाता है। प्रयाग की धरती पर अनेक साहित्यकार भी पैदा हुए। उनके सम्मान में हर साल दिसम्बर के महीने में साहित्यिक मेला लगाया जाता है। इस मेले में देश भर के प्रकाशक और देश विदेश के किताबों के संग्रह करने वाले लोग अपनी पुस्तकों के साथ मेले में पहुंचते हैं। हर साल की तरह इस साल भी इलाहाबाद में ज्ञान का सागर कहे जाने वाले राष्ट्रीय पुस्तक मेले का शुभारंभ  जीजीआई कॉलेज में हुआ। मेले में देश-विदेश की प्रसिद्ध किताबों के संग्रह को देखने व खरीदने के लिए पाठकों की काफी भीड उमड़ रही है।
पुस्तक बिक्री के लिए लगे 95 स्टाल
मेले में किताबों के शौकीन लोग हर साल पहुंचते हैं।  केटी फाउंडेशन की ओर से लगाए गए इस राष्ट्रीय पुस्तक मेले में करीब 95 स्टॉल लगाए गए हैं। यहां देश के करीब सभी प्रकाशकों की पुस्तकों का संग्रह उपलब्ध है। देश-विदेश के प्रसिद्व उपन्यासकारों के साथ-साथ रचनाओं, कविताओं, विद्यार्थियों के कोर्स संबंधित, प्रतियोगी पुस्तकें, छोटे बच्चों के लिए के साथ सभी वर्ग की रूचि के अनुरूप किताबों का बाजार सजा है।

नई किताबों के साथ-साथ कुछ पुरानी किताबें भी मिल रही हैं। ओशो, हाब्स, लाक, रुसों, चाणक्य की किताबें मेले में उपलब्ध हैं। मेले में अपनी स्टॉल लगाने वाले दुकान संचालक राजपाल टंडन ने बताया कि इलाहाबाद के लोगों में किताबों को लेकर काफी उत्साह देखने को मिलता है। उम्मीद यही है इस बार भी राष्ट्रीय मेले में युवाओं का काफी रूझान देखने को मिलेगा।

गुनाहों के देवता और मधुशाला की मांग आज भी

पुस्तक मेले में अपनी दुकान  लेकर पहुंच दिनेश मालवीय का कहना है कि पुस्तक मेंले में आने वाले पाठक आज भी गुनाहों के देवता और हरिवंश राय बच्चन की पुस्तक मधुशाला आज भी बड़े- स्तर पर मांग रहे हैं। अभी तक गुनाहों के देवता की 126 और मधुशाला की 85 पुस्तक  की बिक्री हो चुकी है। इसके अलावा पुस्तक मेले में आने वाले पाठकों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, फेसबुक के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग और पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की जीवनी चर्चा में हैं। मोदी और मार्क की बायोग्राफी युवाओं की पहली पसंद बनकर उभरी है।  आतंकी गोलियों का शिकार हुईं बेनजीर भुट्टो की बायोग्राफी का हिंदी तर्जुमा-मेरी आपबीती- भी पाठकों के बीच खूब पसंद की जा रही है। इस किताब में पाकिस्तानी लोकतंत्र की दुर्दशा और वहां सिसायत में सेना की दखलंदाजी का खुलासा किया गया है। इस किताब में बेनजीर ने अपने जीवंत चित्रण किया है।  बापू की आत्मकथा सत्य के प्रयोग और जवाहर लाल नेहरू की भारत एक खोज आज भी पाठकों की पसंद में शुमार है। इसके अलावा स्टीफन हॉकिन्स और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई की कहानी जानने में भी लोगों की खासी दिलचस्पी दिख रही है।

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