Moeen Ali के पिता ने कहा, इस्‍लामोफोबिया से ग्रस्ति है Taslima Nasreen

मोईन अली के पिता ने कहा था कि एक बार भारत दौरे के दौरान पूछने मंगरी से कहा था कि आप अपनी दाढ़ी को थोड़ा टाइम करवा लो इसके जवाब में मोइन ने कहा था कि मैं क्रिकेट छोड़ दूंगा लेकिन अपनी सोच और अपने विश्वास को नहीं छोडूंगा

नई दिल्ली: बांग्लादेश की विवादित लेखिका तस्लीमा नसरीन ( Taslima Nasreen ) एक बार फिर विवादों में घिरी नज़र आ रही है। उन्होंने इस बार इंग्लैंड के ऑलरॉउंडर मोईन अली ( Allrounder Moeen Ali ) को लेकर एक ऐसा विवादित ट्वीट किया जिसके बाद उन पर लोगो ने जमकर गालियां ( Abuses ) बरसाई और यहीं नहीं क्रिकेटर मोईन अली के पिता मुनीर अली का मानना है कि तस्लीमा नसरीन इस्‍लामोफोबियां ( Islamophobia ) से ग्रसित है।

दरअसल तस्लीमा नसरीन ने एक दिन पहले ट्वीट करते हुए लिखा, कि अगर मोईन अली क्रिकेटर नहीं होते तो वह सीरिया में इस्लामिक स्टेट से जुड़ चुके होते, इसके बाद लोगों को तस्लीमा की यह गन्दी बात पसंद नहीं आई। इसके बाद लोगों को नाराज़ देख नसरीन ने सफाई देते हुए कहा कि उनका यह ट्वीट महज़ एक मजाक था और वह खुद भी कट्टरपंथ के खिलाफ है। लेकिन इसके बाद नाराज मोइन अली के पिता ने तस्लीमा नसरीन को करारा जवाब दे दिया उनका यह जवाब लोगों को खूब पसंद आया।

इस्लामोफोबिया से ग्रसित है तस्लीमा नसरीन

मोईन अली के पिता मुनीर अली ने ट्वीट करते हुए कहा अगर तस्लीमा आईने में अपना चेहरा देखेंगी तो उन्हें खुद ही पता चल जाएगा कि उनका ये ट्वीट किस लहज़े में था और कट्टरपंथ क्या होता है। यह मुसलमानों के खिलाफ व्यर्थ की धारणा है जिसे पता चलता है कि वह इस्लामोफोबिया ( Islamophobia ) से ग्रस्त ऐसा व्यक्ति जिसके अंदर आत्म सम्मान की कमी है और जो दूसरों का सम्मान नहीं कर सकता वह इसी तरह से बातें कर सकता है।

उन्होंने आगे कहा अगर मुझे कभी तस्लीमा नसरीन मिली तो मैं उनके चेहरे पर ही उन्हें बताऊंगा कि मैं उनके बारे में क्या सोचता हूं, अभी के लिए मैं बस यही कहूंगा कि वह डिक्शनरी खोलें और जाने की सरकैज्‍म का मतलब क्या होता है। जो उनकी सोच का विषय नहीं है। आप उस शख्स के बारे में जहर उगल रही हैं जिसे आप जानती तक नहीं और बाद में इसे मजाक का नाम दे रही है।

दाढ़ी के करण नहीं खिलाया गया

इससे पहले भी मोईन अली के पिता ने कहा था कि एक बार भारत दौरे के दौरान मोईन अली से कहा था कि आप अपनी दाढ़ी को थोड़ा ट्रिम करवा लो इसके जवाब में मोइन ने कहा था कि मैं क्रिकेट छोड़ दूंगा लेकिन अपनी सोच और अपने विश्वास को नहीं छोडूंगा। अगर मैं खेलूंगा तो वैसे ही खेलूंगा जैसा मैं हूं जिसके बाद मोईन को उस दौरे पर एक भी मैच नहीं खिलाया गया। और जब दौरे के अंत में मोईन अली से पूछा गया कि आपने यहां आकर क्या सीखा तो उन्होंने कहा मैंने नेट में प्रैक्टिस के अलावा कुछ भी नहीं सीखा और ये मैं इंग्लैंड में भी कर सकता था। इस दौरे में सभी को खेलने का मौका मिला सिर्फ मुझे छोड़कर, उसे ये पता था कि यह उसकी दाढ़ी के करण हुआ है।

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