UPI के जरिये भेज रहे हैं पैसा तो इन बातों का जरूर रखें ध्यान, वरना हो सकते हैं फ्रॉड के शिकार

देश धीरे-धीरे डिजिटल पेमेंट को अपनाने लगा है। सरकार भी इसके लिए लगातार प्रयास कर रही है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के बारे में लोगों को लगातार जागरूक कर रहा है। यूपीआई के जरिये ग्राहक रियल टाइम बेसिस पर एक बैंक खाते से दूसरे खाते में आसानी से और तुरंत पैसा भेज सकते है। इसके लिए यूजर को बैंक अकाउंट की डिटेल या बैंक कोड देने की कोई जरूरत नहीं है। एक व्यक्ति एक ही ऐप पर कई बैंक खातों का उपयोग कर सकता है। UPI को 2016 में NPCI ने लॉन्च किया था। भारत में यह डिजिटल पेमेंट के अन्य तरीकों की तुलना में तेजी से बढ़ा है।

अगर आप UPI के जरिये पैसा भेज रहे हैं तो फ्रॉड से कैसे बचें, हम इस खबर में आपको बता रहे हैं…

1) कार्ड नंबर, एक्सपायरी डेट, यूपीआई पिन, ओटीपी सहित किसी के साथ इस तरह की गोपनीय जानकारी शेयर न करें। यदि आपको किसी बैंक या किसी तीसरे पक्ष के मोबाइल ऐप से आधिकारिक प्रतिनिधि होने का नाटक करने वाले किसी व्यक्ति द्वारा इस तरह की जानकारी देने के लिए कहा जाता है, तो उन्हें आप आधिकारिक ईमेल भेजने के लिए कहें (अपनी ईमेल आईडी साझा न करें क्योंकि बैंक या तीसरे पक्ष के ऐप पहले से ही होंगे अपने ईमेल आईडी को उनके रिकॉर्ड में देखें)

2) केवल अपने बैंक के आधिकारिक डोमेन या थर्ड पार्टी ऐप के ईमेल का जवाब दें।

3) विभिन्न पेमेंट संबंधी एप्लिकेशन आपको स्पैम नंबर के बारे में चेतावनी देते हैं। यदि आपको किसी अज्ञात खाते से भुगतान का अनुरोध आ रहा है, तो स्पैम चेतावनियों पर नजर रखें।

4) यदि आपको किसी भी संदिग्ध खाते के बारे में पता चलता है तो आप अपने बैंक को इस बारे में बताएं।

5) हमेशा प्रतिष्ठित ऑनलाइन व्यापारियों और बाजार से उत्पाद खरीदें। विश्वसनीय ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिये यह सुनिश्चित रहेगा कि आपके भुगतान सुरक्षित हैं।

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