4 करोड़ छात्रों के खातों में आएंगे पैसे, 60 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार

मोदी सरकार ने कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया है कि अनुसूचित जाति के छात्रों को अगले पांच सालों में चार करोड़ से ज्यादा छात्रों को छात्रवृत्ति देगी।

नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार ने अनुसूचित जाति के छात्रों को मिलने वाली स्कॉलरशिप के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। मोदी सरकार ने कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया है कि अनुसूचित जाति के छात्रों को अगले पांच सालों में चार करोड़ से ज्यादा छात्रों को छात्रवृत्ति देगी। देश के अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए स्कॉलरशिप योजना को मोदी कैबिनेट ने आज बुधवार को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद देश में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति के छात्रों को शिक्षा में अधिक फायदा मिलेगा। मोदी सरकार चार करोड़ से ज्यादा छात्रों पर साठ हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को नियमों में बड़ा बदलाव किए है। इस फैसले के बाद अब अनुसूचित जाति के छात्रों में स्कॉलरशिप का पैसा सीधा खाते में दिए जाएंगे। इस योजना में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर पैसा देंगी जिसमे से 60 फीसदी हिस्सा केंद्र सरकार और 40 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार देगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि इसमें करीब 60 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिनमें से 35 हजार 500 करोड़ रुपये केंद्र और बाकी राज्य सरकारें उपलब्ध कराएंगी।

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पहले इस तरह होती थी समस्या

केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत ने जानकारी दी है कि अब इस फैसले के बाद योजना के तहत छात्रों के खातों में पैसा सीधा भेजा जाएगा। इससे पहले केंद्र राज्यों को पैसा देता था, फिर राज्य जिला प्रशासन को भेजता था। इतने प्रोसेस के बाद छात्रों तक पैसा पहुंचने में काफी समय लगता था। सरकार का कहना है कि इस योजना के कारण अगले पांच सालों में अनुसूचित जाति के एक करोड़ 36 लाख ऐसे छात्रों को दोबारा शिक्षा प्रणाली से जोड़ा जाएगा, जो गरीबी या अन्य कारणों से शिक्षा से महरूम रह जाते थे।

 

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