Morgan Stanley : चीन की इकोनॉमिक ग्रोथ उम्मीद से कम रहेगी

नई दिल्ली : टेक्नोलॉजी कंपनियों पर रेगुलेटरी बंदिशें हो या रियल एस्टेट कंपनी एवरग्रांड के डिफॉल्ट करने की आशंका से मार्केट्स में आई गिरावट।  कोल की कमी हो या बिजली कटौती से बंद होती फैक्टरियां। सब मिलकर यही बता रहीं हैं की चीन की हालत ठीक नहीं है। इस कड़ी में Morgan Stanley के चीफ एशिया इकोनॉमिस्ट, चेतन आहया ने कहा कि यह चीन की इकनोमिक कोलैप्स की वजह बन सकती है।

Morgan Stanley के चीफ एशिया इकोनॉमिस्ट, चेतन आहया ने दिया बयान

,इस कड़ी में उन्होंने कहा “इकोनॉमिक ग्रोथ में शॉर्ट-टर्म में कमी आने का खतरा है। अगर एनर्जी क्राइसिस जारी रहता है तो चीन की इकोनॉमिक ग्रोथ चौथी तिमाही में 4-4.5 प्रतिशत रह सकती है। यह काफी कम होगी क्योंकि पूरे वर्ष के लिए टारगेट 6 प्रतिशत का था।” आहया ने कहा कि चीन में रियल एस्टेट सेक्टर को दोहरा झटका लगा है। इस सेक्टर की कंपनियों को कर्ज चुकाने में संघर्ष करना पड़ रहा है और उनकी सेल्स में भी कमी आई है।

उन्होंने कहा कि चीन के लिए लेबर मार्केट की स्थिति बहुत महत्वपूर्ण है। आहया ने बताया, “जुलाई से ग्रोथ में कमी आने की शुरुआत हुई थी। हमारा मानना है कि लेबर मार्केट से मंदी बढ़ने के संकेत मिलेंगे।”ग्रोथ में कमी आने पर चीन सरकार को इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाने के साथ ही फिस्कल पॉलिसी में छूट देनी होगी। ऐसा होने पर अगले वर्ष की शुरुआत से ग्रोथ में सुधार हो सकता है।

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